जयपुर

PICS: घरों तक कैसे पहुंचेगा दूध? वो तो सडकों पर यूं ही व्यर्थ बह रहा है, देखें तस्वीरें

ये कैसा विरोध! घरों तक कैसे पहुंचेगा दूध? वो तो सडकों पर यूं ही व्यर्थ बह रहा है
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Jun 04, 2018
rajasthan farmers protest

जयपुर।

राजस्थान में किसान आंदोलन के तहत हो रहे गांव बंद का अब व्यापक असर देखा जाने लगा है। भूमिपुत्रों के विरोध का सोमवार को चौथा दिन है। इस बीच कई ज़िलों से उपद्रव और हंगामे की खबरें मिलने का सिलसिला भी जारी है। गांव बंद का जरिया अपनाकर किसानों ने शहरों में फल-सब्ज़ियों के साथ ही दूध जैसी ज़रूरी वस्तुओं को पहुंचाना ठप्प कर दिया है। ऐसे में शहरों में मिलने वाली सब्ज़ियों और फलों के दाम कई गुना तक बढ़ने लगे हैं। वहीं दूध की सप्लाई भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।

विभिन्न ज़िलों में किसान ऐसे दिखा रहे उग्र तेवर

श्रीगंगानगर
शहर में दूध की सप्लाई बंद की गई है लेकिन शहरवासियों को नाकों पर निर्धारित किए गए स्थानों पर दूध मिल रहा है। यहां से भी शहरवासी प्रत्येक परिवार के लिए पांच किलो दूध नकद खरीदकर ला रहे थे। शहरवासियों के लिए सूरतगढ़ बाइपास, पदमपुर बाइपास, पदमपुर रोड, करणपुर चुंगी, तीन पुली, साधुवाली रोड, एसएसबी रोड पर गंगनगर पुल और नाथांवाला के पास गंगनहर पुल का प्वाइंट दूध के लिए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा शहर में भी बाहरी कॉलोनियों में जिन लोगों ने पशुओं को पालकर डेयरी लगा रखी है वहां भी दूध मिल रहा है। वहीं फल-सब्जी मंडी में हरी सब्जियों की आवक बंद है, ऐसे में दुकानदारों के पास स्टॉक किए गए आलू, प्याज और कुछ फल ही बिक रहे हैं। इससे यहां के श्रमिकों, दुकानदारों को काम नहीं मिल रहा है।

चाकसू, जयपुर
किसानों के गांव बंद आंदोलन के तहत दूध की भारी किल्लत होना शुरु हो गया है। इसके बाद भी किसान दूध सप्लाई अटका रहे हैं और दूध को सड़कों पर फेंक रहे हैं। सोमवार सुबह चाकसू के मंडलिया गांव में भी किसानों ने सैंकड़ों लीटर दूध को सड़कों पर फेंक दिया। किसानों अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। गौरतलब है कि एक तारीख से शुरु हुए आंदोलन के पहले ही दिन शाहपुरा में किसानों ने दूध के टेंकर में भरा दूध सड़क पर फेंक दिया था। उसके बाद से गुजरे तीन दिनों में अन्य कई जिलों में भी दूध और सब्जी सड़क पर फेंकने के मामले सामने आए हैं।

बारां
किसान महापंचायत के आव्हान पर सोमवार सुबह जल्द ही किसान बारां-रामगढ रोड पर आ जमे। किसानों ने दूध सब्जी विक्रेताओं को वापस लौटा दिया। प्रतीकात्मक रूप से सड़क पर दूध सब्जियां और लहसून डालकर विरोध भी जताया गया। इस दौरान सड़क पर ही चाय बनाई गई। किसानो को गांव से शहर नही जाने को लेकर समझाईश की गई। देर तक आवागमन भी प्रभावित रहा।

हनुमानगढ़
हनुमानगढ़ में किसानो की हड़ताल जारी है। कई गांवों में किसानों ने दूध टेंकर ओर सब्जियों के ट्र्क रोक दिए। शहर में दूध की किल्लत रही। चाय के ढाबे भी सूने रहे। किसानों ने कहा कि तीन दिन बाद भी सरकार ने फसल का उचित मूल्य देने, सम्पूर्ण कर्जमाफी ओर दूध के दाम बढ़ाने की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की। आगे किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। वहीं ज़िले के टिब्बी में किसानों के गांव बंद आंदोलन के तहत टिब्बी के किसानों ने कस्बे के भगत सिंह चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानो ने यहां की मंडी में बिकने आई सब्जियों को पशुओं के समक्ष डाल कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार से किसानों की जायज मांगों को पूरा किए जाने की मांग की।

Updated on:
04 Jun 2018 11:54 am
Published on:
04 Jun 2018 11:53 am