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नेशनल शूटर, कॉर्पोरेट जॉब और लव स्टोरी, सचिन पायलट के ‘बर्थडे’ पर जानिए 20 दिलचस्प बातें 

Sachin Pilot Unknown Facts : राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट 7 सितंबर 2026 को मना रहे हैं 49वां जन्मदिन। जानिए उनके जीवन से जुड़े 20 अनसुने फैक्ट्स।
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Sachin Pilot - File PIC

Sachin Pilot - File PIC

राजस्थान की राजनीति के सबसे प्रमुख और चर्चित चेहरों में से एक, प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट आज 7 सितंबर 2026 को अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। सचिन पायलट केवल अपनी राजनीतिक कार्यशैली ही नहीं, बल्कि अपने पढ़े-लिखे कॉर्पोरेट बैकग्राउंड, युवाओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता और सधे हुए वक्तव्यों के लिए पूरे देश में पहचाने जाते हैं। साल 2004 में मात्र 26 साल की उम्र में दौसा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर देश के सबसे युवा सांसद बनने का रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले सचिन पायलट के जीवन में ऐसे कई अनूठे और दिलचस्प पहलू छिपे हैं, जिनके बारे में आम जनता बहुत कम जानती है।

उनके 49वें जन्मदिन के खास मौके पर हम आपके लिए लेकर आए हैं उनके जीवन से जुड़े 20 ऐसे एक्सक्लूसिव और 'आउट ऑफ द बॉक्स' फैक्ट्स, जो एक राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि उनके एक बहुआयामी व्यक्तित्व को भी राजस्थान और देश के सामने लाते हैं।

1. सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई और नेशनल शूटर कनेक्शन

सचिन पायलट ने दिल्ली के मशहूर सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीए (ऑनर्स) की पढ़ाई की है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अपने कॉलेज के दिनों में वे एक बेहतरीन निशानेबाज (शूटर) हुआ करते थे और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कई राइफल शूटिंग प्रतियोगिताओं में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया था।

2. अमरीकाके प्रतिष्ठित व्हार्टन स्कूल से MBA

भारत के गिने-चुने राजनेताओं के पास ही वैश्विक स्तर की मैनेजमेंट डिग्रियां मौजूद हैं। सचिन पायलट ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों में शामिल, पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय (अमेरिका) के व्हार्टन स्कूल से अपनी एमबीए (MBA) की डिग्री पूरी की है।

3. BBC और GE जैसी MNCs में कॉर्पोरेट नौकरी

सक्रिय राजनीति में कदम रखने से पहले सचिन पायलट ने एक प्रॉपर कॉर्पोरेट प्रोफेशनल की जिंदगी जी है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी स्थित बीबीसी के ब्यूरो ऑफिस में काम किया और उसके बाद प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक में अपनी सेवाएं दीं।

4. एक प्रेम कहानी जिसने राजनीतिक चर्चाएं बटोरीं

सचिन पायलट और उनकी पूर्व पत्नी सारा अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बेटी) का विवाह काफी चर्चा में रहा था। शुरुआती समय में दोनों परिवारों के बीच भारी राजनीतिक मतभेदों के कारण अब्दुल्ला परिवार इस शादी के पक्ष में नहीं था। सचिन और सारा ने बेहद सादगी के साथ दिल्ली में शादी की थी, हालांकि बाद में दोनों परिवारों के रिश्ते मधुर हो गए।

5. देश के सबसे युवा सांसद बनने का रिकॉर्ड

अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट के असमय निधन के बाद, सचिन ने महज 26 साल की उम्र में 2004 के लोकसभा चुनावों में दौसा सीट से भारी मतों से जीत दर्ज की। इसी जीत के साथ उन्होंने देश के सबसे कम उम्र के सांसद बनने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।

6. टेरिटोरियल आर्मी में रेगुलर कैप्टन का पद

सचिन पायलट देश के पहले ऐसे केंद्रीय मंत्री बने, जिन्होंने अपने मंत्री पद पर रहते हुए प्रादेशिक सेना (Territorial Army) की लिखित परीक्षा और इंटरव्यू पास किया। वे सिख रेजिमेंट में बतौर कैप्टन नामांकित हुए और हर साल सेना के अनिवार्य ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेते हैं।

7. कमर्शियल पायलट का लाइसेंस और फ्लाइंग का शौक

उनके नाम के आगे लगा 'पायलट' सरनेम सिर्फ नाम भर नहीं है। सचिन के पिता राजेश पायलट भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट थे। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए सचिन के पास भी कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) मौजूद है और उन्हें खुद विमान उड़ाने का शौक है।

8. स्पीड, कार ड्राइविंग और फॉर्मूला-1 रेसिंग

सचिन को तेज कारों और ड्राइविंग का बेहद शौक है। युवा दिनों में वे फॉर्मूला-1 रेसिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के काफी शौकीन रहे हैं। आज भी जब उन्हें व्यस्तता से थोड़ा समय मिलता है, तो वे खुद गाड़ी चलाकर लंबी ड्राइव पर जाना पसंद करते हैं।

9. राजस्थान कांग्रेस के सबसे युवा प्रदेश अध्यक्ष

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस राजस्थान में महज 21 सीटों पर सिमट गई थी, तब सिर्फ 36 साल की उम्र में सचिन को राजस्थान कांग्रेस की कमान सौंपी गई। वे प्रदेश के इतिहास में सबसे कम उम्र के पीसीसी चीफ बने।

10. 5 साल तक सिर पर 'साफा' न बांधने का संकल्प

साल 2014 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद सचिन पायलट ने एक कड़ा प्रण लिया था। उन्होंने कसम खाई थी कि जब तक वे राजस्थान में पार्टी की वापसी नहीं कराएंगे, तब तक सिर पर पारंपरिक साफा (पगड़ी) नहीं पहनेंगे। 2018 में जीत दर्ज करने के बाद ही उन्होंने साफा बांधा था।

11. राजस्थान में 'डिजिटल' राजनीति की शुरुआत

सचिन उन शुरुआती नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए व्हाट्सएप और डिजिटल डेटाबेस का इस्तेमाल शुरू किया। इसी रणनीति की बदौलत उनकी टीम का सोशल मीडिया नेटवर्क बेहद मजबूत माना जाता है।

12. 'नो-लंच' वर्किंग स्टाइल और फील्ड का अनुशासन

दौरे या रैलियों के दौरान सचिन का एक सख्त नियम है; वे काम के वक्त दोपहर का भारी भोजन (लंच) नहीं करते। वे केवल फल, नारियल पानी या हल्के स्नैक्स पर पूरा दिन निकाल देते हैं ताकि चुनावी दौरे के दौरान सुस्ती न आए।

13. शास्त्रीय-सूफी संगीत और गिटार बजाने की खूबी

राजनीतिक भागदौड़ के बीच पायलट को शास्त्रीय और सूफी संगीत सुनना बेहद पसंद है। विदेश में पढ़ाई के दौरान उन्होंने गिटार जैसे वाद्य यंत्र बजाने की बुनियादी कला भी सीखी थी।

14. पिता की याद में लिखी बायोग्राफी के सह-लेखक

सचिन पायलट एक लेखक भी हैं। उन्होंने अपने दिवंगत पिता राजेश पायलट की यादों पर अपनी बहन सारिका के साथ मिलकर एक पुस्तक लिखी थी, जिसका नाम "राजेश पायलट: इन स्पिरिट फॉरएवर" है।

15. योग और शाकाहारी लाइफस्टाइल

49 साल की उम्र में भी सचिन की गिनती देश के सबसे फिट नेताओं में होती है। वे रोजाना योग, रनिंग और स्ट्रेचिंग कभी मिस नहीं करते। वे पूरी तरह से शाकाहारी हैं और अपनी डाइट को लेकर काफी अनुशासित रहते हैं।

16. ऑक्सफोर्ड-व्हार्टन स्टाइल इंग्लिश और ठेठ हिंदी पर पकड़

अपनी ठेठ हिंदी और गुजरी भाषा के पुट के अलावा, सचिन पायलट की अंग्रेजी भाषा पर भी जबरदस्त पकड़ है। राष्ट्रीय मीडिया और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर उनकी अंग्रेजी डिबेट्स को उनके सधे हुए शब्दों के लिए काफी सराहा जाता है।

17. हॉलीवुड क्लासिक्स और ऐतिहासिक डॉक्युमेंट्रीज के मुरीद

फुर्सत के पलों में सचिन को हॉलीवुड की क्लासिक फिल्में, इतिहास और जियोपॉलिटिक्स पर बनी डॉक्यूमेंट्रीज देखना और किताबें पढ़ना बेहद भाता है।

18. पिता की पुरानी घड़ी है सबसे बड़ा 'लकी चार्म'

सचिन बहुत महंगी घड़ियों के बजाय क्लासिक बेल्ट वाली घड़ियां पहनते हैं। उनके करीबियों के अनुसार, उनके पास उनके पिता स्वर्गीय राजेश पायलट की कुछ पुरानी घड़ियां हैं, जिन्हें वे अपने पास रखते हैं और अपना सबसे बड़ा लकी चार्म मानते हैं।

19. जानिए कैसे मिला परिवार को 'पायलट' सरनेम

सचिन के दादाजी का नाम जयराम सिंह था। उनके पिता राजेश सिंह जब भारतीय वायुसेना में पायलट बने, तो उनके साथी उन्हें 'पायलट' कहकर बुलाने लगे। बाद में जब राजेश जी राजनीति में आए, तो उन्होंने अपना सरनेम 'पायलट' रख लिया, जो अब इस परिवार की पहचान है।

20. बिना वीआईपी कल्चर और सुरक्षा के सफर पसंद

पद पर न रहते हुए भी कई बार सचिन दिल्ली से जयपुर या ग्रामीण इलाकों का सफर खुद कार चलाकर (Self-drive) तय करते हैं। उन्हें बिना भारी सुरक्षा और वीआईपी लवाजमे के सीधे जनता के बीच जाना सबसे ज्यादा पसंद है।

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