
जयपुर. गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद जल्द ही प्रदेश में एक और एनकाउंटर हो सकता है। सीकर के फतेहपुर में थानेदार मुकेश कानूनगो और कांस्टेबल रामप्रकाश की हत्या का मामला तूल पकड़ता ही जा रहा है। पुलिस महकमा इसे लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी हाल में बदमाशों को बख्शने के मूड में नहीं है। थानेदार और कांस्टेबल की हत्या करने वालों को पकड़ने में पुलिस जी-जान झोंक रही है। तैयारी ऐसी दिख रही है कि बदमाश एक बार पुलिस के घेरे में आ गए तो छोड़ेगी नहीं। डीजीपी ओपी गल्होत्रा ने कह भी दिया है कि बदमाशों से सामना हुआ तो हमारे हाथ भी बंधे हुए नहीं हैं। अब बदमाशों ने फायरिंग की तो पुलिस फायरिंग से ही जवाब देगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बदमाशों को समर्पण करना ही होगा। उन्हें पकडऩे के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस-एसओजी को भी कमान सौंपी गई है। पीएचक्यू ने क्यूआरटी के विशेष कमांडो (शार्प शूटर) की टीम फतेहपुर में तैनात कर दी है। एटीएस-एसओजी के एडीजी उमेश मिश्रा ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया है। एडीजी मिश्रा और रेंज आइजी वीके सिंह बदमाशों को पकडऩे के लिए रणनीति बना रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बदमाश पुलिस के घेरे में आए और फायरिंग की तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें बचकर निकलने का मौका नहीं दिया जाएगा।
अवैध हथियार बन रहे जानलेवा
राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी खुद पुलिस के लिए ही जानलेवा साबित हो रही है। खुद पुलिस भी मानती है कि बिहार के मुंगेर, उत्तरप्रदेश के औरंगाबाद और मध्यप्रदेश के भिंड-मुरैना से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार राजस्थान में अपराधियों तक पहुंच रहे हैं। ये हथियार गैंगवार, आमजन को डराने, लूट-डकैती, फिरौती आदि के लिए काम में लिए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो खुद पुलिस की ढिलाई ही बदमाशों के हौसले बुलंद कर रही है। ये बदमाश अब पुलिस पर ही भारी पड़ रहे हैं।
घात लगाकर की थानेदार और कांस्टेबल की हत्या
सीकर के फतेहपुर में घात लगाकर बदमाशों ने थानेदार और कांस्टेबल की हत्या भी अवैध हथियारों के बल पर ही की। आनंदपाल को पकडऩे के दौरान भी मुठभेड़ में गोली लगने से 2 पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी। अलवर और भरतपुर में गौतस्करों से सामना होने पर कई पुलिसकर्मी गोलियां लगने से घायल हुए थे। सूत्रों के अनुसार सीकर के फतेहपुर में ही अलग-अलग वारदातों में बदमाशों ने 2 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।