
जयपुर। राजधानी में पिता द्वारा किशोरी पुत्री से बलात्कार का मामला सामने आया है। पीडि़ता की एफआइआर दर्ज करने के बजाय पुलिस उसे एक थाने से दूसरे थाने घुमाती रही।
जमवारामगढ़ रोड, नाई की थड़ी क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी पिता के चंगुल से छूटकर सोडाला स्थित पीहर में रह रही मां के पास पहुंची। उसने मां को पिता की करतूत बताई।
किशोरी ने बताया कि पिता 4 माह से उसके साथ बलात्कार कर रहा है। बताने पर जान से मारने की धमकी दी है। इसके बाद किशोरी मां, सामाजिक कार्यकर्ता शबाना खान व ज्योति नायर सहित अन्य लोगों के साथ सोमवार शाम सोडाला थाने पहुंची।
थाने से उन्हें बड़ी चौपड़ स्थित महिला थाने पर भेज दिया। मां का आरोप है कि महिला थाने पर सुनवाई करने के बजाए उन्हें चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर दे दिए। वहां बात करने पर गवर्नमेंट हॉस्टल के पास बुलाया।
वहां पहुंचे तो बेटी को अपने साथ गांधी नगर बालिका गृह ले गए। इसके बाद देर रात 11 बजे सोडाला थाने से फोन आया और उन्हें मामला दर्ज करवाने के लिए बुलाया।
घटनास्थल आमेर क्षेत्र में होने से सोडाला पुलिस खुद ऑटो से पीडि़ता-परिजनों को आमेर थाने लेकर गई। इसके बाद देर रात 3 बजे रिपोर्ट ली।
पीडि़ता की मां ने बताया कि करीब तीन माह पहले पति की घिनौनी करतूत का पता चला था। इसका विरोध किया तो उसने लाठी से मारकर पैर तोड़ दिया था। आज तक पैर के पट्टा बंधा है।
पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज
किशोरी से बलात्कार के मामले में उसके पिता के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी फरार है। सोमवार रात को पीडि़ता के परिजन, एक संस्था की महिला और सोडाला थाने के सिपाही थाने आए और मामला दर्ज करवाया था।
सवाई सिंह रत्नू, एसएचओ, आमेर