खरीफ सीजन 2026-27 के लिए उर्वरक वितरण पर सख्ती, 30 अप्रैल तक विशेष अभियान। उर्वरक विक्रेताओं पर कड़ी नजर, गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई।
Fertilizer Distribution: जयपुर. राज्य में खरीफ फसल 2026-27 की तैयारियों के बीच किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि प्रदेशभर में 29 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक उर्वरकों की गुणवत्ता जांच और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को मानक गुणवत्ता के खाद-उर्वरक उपलब्ध कराना और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता पर रोक लगाना है।
मंत्री ने बताया कि इस दौरान उर्वरक विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। औचक निरीक्षण के जरिए दुकानों और गोदामों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन में दर्ज आंकड़ों का मिलान वास्तविक स्टॉक से किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी तुरंत पकड़ में आ सके। यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के तहत अनुदानित यूरिया के गैर-कृषि और औद्योगिक उपयोग पर विशेष नजर रखी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरक का किसी अन्य उपयोग में इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसको लेकर प्रवर्तन टीमों को सक्रिय किया गया है, जो नियमित रूप से निरीक्षण कर रही हैं।
जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक कृषि के निर्देशन में उप जिला और खंडीय निरीक्षकों की टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये टीमें उर्वरक विक्रेताओं, गोदामों और औद्योगिक इकाइयों का सघन निरीक्षण कर रही हैं। साथ ही यूरिया के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं, जिससे गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
कृषि विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ लागू करें। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक मिले, जिससे फसल उत्पादन में बढ़ोतरी हो और किसानों की आय में सुधार हो सके। यह अभियान न केवल वितरण व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में विश्वास और पारदर्शिता भी बढ़ाएगा।