जयपुर

राधा जी का नाम लिए बिना नहीं मिलता कृष्ण जी का आशीर्वाद, इसके पीछे है यह पौराणिक रहस्य

फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी को आरके लक्ष्मण की बनाई भगवान गणेश की कलाकृति भेंट की, विशेष मुलाकात में हुई गणेश की कथाओं और मथुरा की पौराणिक मान्यताओं पर चर्चा

3 min read
Nov 14, 2024

जयपुर। जयपुर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट और आबीआई के पूर्व ओएसडी डॉ. धर्मेंद्र भंडारी ने अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी को आरके लक्ष्मण द्वारा बनाई गई भगवान गणेश की एक अनमोल कलाकृति हाल ही मुंबई में उनके निवास पर भेंट की। इस मौके पर हेमा मालिनी ने भी डॉ. धर्मेंद्र भंडारी को अपनी आधिकारिक जीवनी ‘Beyond the Dream Girl’ भेंट स्वरूप दी। दोनों के बीच हुई इस अद्भुत सांस्कृतिक भेंट का उद्देश्य भारतीय परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं को आगे बढ़ाना था।

आरके लक्ष्मण के भगवान गणेश पर स्‍कैच और उनसे जुड़ी कथाएं

प्रख्यात कार्टूनिस्ट दिवंगत आरके लक्ष्मण ने भगवान गणेश के कई मनमोहक स्केच बनाए थे। इन स्‍कैच के साथ पौराणिक कथाएं जोड़ने का कार्य डॉ. धर्मेंद्र भंडारी ने किया, जो धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक इतिहास के अच्छे जानकार हैं। उनकी इन कथाओं में भगवान गणेश के जीवन से जुड़े कई ऐसे किस्से शामिल हैं जो लोगों के लिए नए और अनसुने हैं। इनमें से कई कहानियां भगवान गणेश के बड़े भक्त भी शायद नहीं जानते हों। जैसा कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने इस पुस्तक की शुरुआत में लिखा है।

हेमा मालिनी ने बताया मथुरा से से रिश्ता

मथुरा से लोकसभा सांसद होने के नाते हेमा मालिनी का कृष्ण भक्तों के बीच विशेष सम्मान है। मथुरा में हर कोई ‘राधे राधे’ या ‘राधे कृष्णा’ के अभिवादन के साथ उनसे मिलता है। इस संबंध में, डॉ. भंडारी ने हेमा मालिनी को बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार, राधा भगवान गणेश की महान भक्त थीं। भगवान गणेश ने राधा को आशीर्वाद दिया था कि जो भी व्यक्ति भगवान कृष्ण का आशीर्वाद राधा का नाम लिए बिना मांगेगा, उसे आशीर्वाद प्राप्त नहीं होगा। इस प्रकार, मथुरा में राधा और कृष्ण का नाम एक साथ लिया जाता है।

भगवान गणेश से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं पर हुई चर्चा

इस मुलाकात के दौरान, डॉ. भंडारी और हेमा मालिनी ने भगवान गणेश से जुड़ी अन्य पौराणिक मान्यताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने इस बारे में बात की कि किस तरह भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है और उनके पूजन से हर कार्य में सफलता मिलती है। भगवान गणेश की कहानियां न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि उनके माध्यम से जीवन में नैतिकता और सत्य का भी महत्व समझाया गया है। डॉ. धर्मेंद्र भंडारी और हेमा मालिनी का जुड़ाव 1980 के दशक से है। 1991 में हेमा मालिनी ने डॉ. भंडारी द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘करदाता करे पुकार - क्या हुआ मेरे धन का सरकार’ के संपादन किया था। इस पुस्तक का उद्देश्य करदाताओं की समस्याओं और उनकी चिंताओं को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना था।

धर्म और कला के बीच सांस्कृतिक संगम

इस मुलाकात में कला और धर्म का एक अनूठा संगम देखने को मिला। आरके लक्ष्मण जैसे महान कलाकार द्वारा बनाई गई भगवान गणेश की कलाकृति का हेमा मालिनी को भेंट किया जाना एक सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में देखा जा सकता है। इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां समाज में धर्म और कला के महत्व को बढ़ावा देती हैं और साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भारतीय परंपराओं से जोड़ने में सहायक होती हैं।

स्‍वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर ने कहा था गणपति के पहलुओं से कई अनजान

हेमा मालिनी को भेंट किए गए आर. के. लक्ष्‍मण की ओर से पर भगवान बनाए गए आर्ट कलेक्‍शन में स्‍वर कोकिला लता मंगेशकर ने भी प्रस्‍तावना में उल्लेख किया है कि भगवान गणेश की कहानियों के कई पहलू हैं जिनसे लोग अनजान हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. भंडारी ने भगवान गणेश से जुड़ी कई अनसुनी कहानियां प्रस्तुत की हैं, जिनमें पौराणिक दृष्टिकोण के साथ-साथ आध्यात्मिक शिक्षा भी है।

हेमा मालिनी और डॉ. भंडारी का आध्यात्मिक जुड़ाव

हेमा मालिनी और डॉ. धर्मेंद्र भंडारी का जुड़ाव सिर्फ कला तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका एक गहरा आध्यात्मिक संबंध भी है। दोनों का मानना है कि भारतीय पौराणिक कथाओं और धर्म में इतनी शक्ति और ज्ञान है कि वह व्यक्ति के जीवन को प्रेरित कर सकता है। हेमा मालिनी के मुताबिक, पौराणिक कथाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना आज की पीढ़ी के लिए बेहद जरूरी है।

समाज में पौराणिक कथाओं का महत्व


डॉ. भंडारी के अनुसार, पौराणिक कथाओं का समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। वे मानते हैं कि इन कथाओं के माध्यम से हम न केवल अपने बच्चों को नैतिकता और धार्मिकता सिखा सकते हैं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति से भी जोड़ सकते हैं। इन कहानियों के जरिए जीवन के अनेक महत्वपूर्ण सबक दिए जाते हैं जो किसी के भी जीवन में प्रेरणादायक साबित हो सकते हैं।

Updated on:
14 Nov 2024 08:35 pm
Published on:
14 Nov 2024 08:33 pm
Also Read
View All

अगली खबर