बढ़ेगी शक्ति : सैन्य परिवहन के पुराने एवरो-748 विमान होंगे रिटायर
नई दिल्ली. भारत के लिए बनाए गए सी-295 एयरबस ने स्पेन के सेविले शहर में पहली सफल उड़ान भरी। भारत को इन विमानों की पहली खेप की डिलीवरी इस साल के अंत तक होने का रास्ता साफ हो गया है। इससे भारतीय वायुसेना की ताकत में बढ़ोतरी होगी। सी-295 सैन्य परिवहन विमान है। फिलहाल भारतीय सेना परिवहन जरूरतों के लिए कई दशक पुराने एवरो-748 विमानों पर निर्भर है।
यूरोपीय कंपनी एयरबस के मुताबिक, सी-295 विमान ने तीन घंटे की सफल उड़ान भरी। एयरबस डिफेंस एंड स्पेस में सैन्य वायु प्रणालियों के प्रमुख जीन-ब्राइस ड्यूमांट ने कहा कि सी-295 की पहली उड़ान मेक इन इंडिया एयरोस्पेस कार्यक्रम के लिए भी महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारतीय वायुसेना दुनिया में सी-295 की सबसे बड़ी ऑपरेटर बन जाएगी। भारत को 16 सी-295 विमानों की आपूर्ति सितंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच की जाएगी। शेष 40 विमानों को भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (टीएएसएल) की ओर से गुजरात के वडोदरा में निर्मित और असेंबल किया जाएगा। पिछले साल अक्टूबर में वडोदरा में विमानों के निर्माण केंद्र की आधारशिला रखी गई थी।
हर तरह की पट्टी पर उतर सकेगा
सी-295 विमान को सैन्य कर्मियों और कार्गो की आवाजाही के लिए डिजाइन किया गया है। इसे किसी भी तरह की हवाई पट्टी पर उतारा जा सकता है। इससे दुर्गम स्थानों तक रसद और सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसमें ऑटो रिवर्स क्षमता है। यह 12 मीटर चौड़े यानी संकीर्ण रनवे पर 180 डिग्री मुडऩे में सक्षम है।
56 विमानों की डील हुई थी 2021 में
सितंबर 2021 में भारत ने एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ 56 सी-295 विमान खरीदने के लिए करीब 21 हजार करोड़ रुपए का सौदा किया था। इन विमानों से भारतीय वायुसेना के पुराने एवरो-748 विमानों को बदला जाएगा।