जयपुर

हाई बीपी की समस्या को अत्याधुनिक तकनीक से किया ठीक, SMS अस्पताल के डॉक्टरों का कमाल

सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज की इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी टीम ने नवीनतम तकनीक रीनल डिनरवेशन से महिला की हाई बीपी की समस्या को बेहद जटिल प्रोसीजर कर ठीक किया है।

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Sep 26, 2024
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जयपुर। 31 साल की उम्र से हाइपरटेंशन की गंभीर समस्या से जूझ रही अनिता (परिवर्तित नाम) के लिए नई तकनीक वरदान साबित हुई। सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज की इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी टीम ने नवीनतम तकनीक रीनल डिनरवेशन से महिला की हाई बीपी की समस्या को बेहद जटिल प्रोसीजर कर ठीक किया है। उत्तर भारत में एसएमएस अस्पताल पहला सरकारी संस्थान है जहां इस तकनीक का इस्तेमाल कर किसी मरीज का इलाज किया गया।

कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शशिमोहन शर्मा ने बताया कि यह प्रोसीजर उन मरीजों के लिए है जिनमें गुर्दे की धमनियों में रुकावट नहीं दिखती। एक घंटे तक चले इस प्रोसीजर में गुर्दे की धमनी में एक पतली ट्यूब डाली गई, जो ध्वनि तरंगें या रेडियोफ्रीक्वेंसी एनर्जी भेजती है जो कि गुर्दे से जुड़ी सिम्पेथैटिक नर्व को अलग करती है। सिम्पेथैटिक नर्व हमारी क्रोध, घबराहट, नर्वस होने जैसी भावनाओं को नियंत्रित करने का काम करती है।

उन्होंने बताया कि दवा लेने के बाद भी कई मरीजों की हाइपरटेंशन की समस्या ठीक नहीं होती। जिसके कारण उन्हें ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक या किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। हाइपरटेंशन को ठीक करने के लिए अब अत्याधुनिक रीनल डिनरवेशन तकनीक आ गई है। इस तकनीक से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, ब्रेन हेमरेज और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियों को रोका जा सकता है।

इस तकनीक में काम आने वाला विशेष कैथेटर करीब 7 लाख रुपए का होता है। इसे बनाने वाली एक निजी फार्मा कंपनी ने नि:शुल्क दिया। क्योंकि यह उत्तर भारत में किसी सरकारी संस्थान में पहली बार इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा प्रोसीजर की दो लाख की लागत भी नि:शुल्क रही। कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शशिमोहन शर्मा और उनकी टीम डॉ. दिनेश गौतम, डॉ. धनंजय सिंह शेखावत और डॉ. सुनील शर्मा ने यह जटिल केस किया।

एक घंटे में हुआ प्रोसीजर

डॉ. दिनेश गौतम और डॉ. धनंजय सिंह शेखावत ने बताया कि प्रोसीजर के बाद मरीज में काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले। डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि मरीज का ब्लड प्रेशर 15 से 30 प्रतिशत तक और कम होने की उम्मीद है। प्रोसीजर के तुरंत बाद उन्हें राहत मिली।

Updated on:
26 Sept 2024 07:42 pm
Published on:
26 Sept 2024 07:19 pm