जयपुर

राजस्थान के अस्पतालों में इस फ्री जांच सुविधा पर लगा ब्रेक, यह है वजह

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में निरोगी राजस्थान योजना के तहत नि:शुल्क सीटी स्कैन जांच सुविधा पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के 15 बड़े शहरों में निजी सहभागिता के तहत यह सुविधा उपलब्ध करवा रहे निजी सेवा प्रदाता ने इनके अस्पताल प्रभारियों को बकाया भुगतान के नोटिस थमाकर सेवाएं जारी रखने से इनकार कर दिया है।

2 min read
Mar 29, 2024

विकास जैन
Free CT Scan Test Stopped : प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में निरोगी राजस्थान योजना के तहत नि:शुल्क सीटी स्कैन जांच सुविधा पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के 15 बड़े शहरों में निजी सहभागिता के तहत यह सुविधा उपलब्ध करवा रहे निजी सेवा प्रदाता ने इनके अस्पताल प्रभारियों को बकाया भुगतान के नोटिस थमाकर सेवाएं जारी रखने से इनकार कर दिया है। इनपर 4 करोड़ रुपए अधिक का भुगतान बकाया है। दौसा में तो ये सेवा बंद हो गई है। वहीं अन्य जिलों में बंद होने का संकट है।

राज्य सरकार ने अप्रेल 2022 में इस योजना की घोषणा के साथ ही महंगी जांच सीटी स्कैन, एमआइआई और डायलिसिस को भी नि:शुल्क के दायरे में लिया था। इसका भुगतान मरीज से लेेने के बजाय संबंधित अस्पताल की ओर से सेवा प्रदाता को किया जाना था। सरकार की गाइडलाइन में यह भी कहा गया था कि इसके लिए अस्पतालों को बजट उपलब्ध करवाया जाएगा।

लेकिन, इसके बाद से ही भुगतान को लेकर सेवा प्रदाता और अस्पताल प्रभारियों में विवाद चल रहा था। दौसा जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुभाष बिलोनिया ने कहा कि भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी के जरिए पीपीपी मोड पर चल रही सीटी स्कैन सेवा बाधित है। सेवा प्रदाता के अनुसार, सवाईमाधोपुर और बारां में भी भुगतान नहीं मिलने के कारण सेवा बाधित की जा रही है।

सवा साल तक बजट का प्रावधान ही नहीं
जानकारी के मुताबिक सीटी स्कैन जैसी महंगी जाचें नि:शुल्क शुरू करने के बाद करीब सवा साल तक तो राज्य सरकार ने इसके लिए बजट का प्रावधान ही नहीं किया।

सेवा प्रदाता से हुई बात
भुगतान विवाद के समाधान के लिए निजी सेवा प्रदाता से बात हुई है। जल्द ही भुगतान हो जाएगा।-डॉ. रवि प्रकाश माथुर, निदेशक जनस्वास्थ्य, चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग

2-3 हजार रुपए मांग रहे
सिर में दर्द होने के कारण जिला अस्पताल आए। यहां सीटी स्कैन की सुविधा बंद मिली। निजी वाले 2-3 हजार रुपए मांग रहे हैं। राजमल मीना, दौसा

कहां कितना बकाया
बारां : 51 लाख 86 हजार 346 रुपए

बूंदी : 44 लाख 94 हजार 254 रुपए

सवाईमाधोपुर : 38 लाख 55 हजार 965 रुपए

सिरोही : 17 लाख 27 हजार 626 रुपए

दौसा : 81 लाख 21 हजार 685 रुपए

टोंक : 63 लाख 31 हजार 738 रुपए

भीलवाड़ा : 36 लाख 25 हजार 137 रुपए

चित्तौडग़ढ़ : 5 लाख 64 हजार 784 रुपए

डूंगरपुर : 4 लाख 01 हजार 704 रुपए

जालोर : 12 लाख 98 हजार 256 रुपए

करौली : 1 लाख 61 हजार 403 रुपए

प्रतापगढ़ : 2 लाख 15 हजार 466 रुपए

राजसमंद : 37 लाख 02 हजार 820 रुपए

सोजत : 6 लाख 59 हजार 648 रुपए

उदयपुर : 4 लाख 15 हजार 105 रुपए

कुल : 4 करोड़ 08 लाख 26 हजार 321 रुपए

विभागीय लापरवाही....मरीजों पर पड़ रही भारी
चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने पिछले दिनों सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने का दावा किया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने मरीजों से जुड़े इस विवाद के समाधान पर ध्यान नहीं दिया। अब कुछ जिलों में यह सुविधा बंद होने के बाद भी विभाग की ओर से एक्शन नहीं लिया गया है। पिछले एक महीने से सेवा प्रदाता और सरकार के बीच यह विवाद चल रहा है।

Updated on:
29 Mar 2024 02:54 pm
Published on:
29 Mar 2024 01:33 pm
Also Read
View All