जयपुर

आखातीज से ठाकुरजी का बदलेगा भोगराग व पहनावा, मंदिरों में सजेंगी झांकियां

वैशाख शुक्ल तृतीया पर अक्षय तृतीया के साथ ही ठाकुरजी के भोग राग और पहनावे में बदलाव होगा। ठाकुरजी के विशेष चंदन शृंगार के दर्शन शुरू होंगे

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May 05, 2024

जयपुर. वैशाख शुक्ल तृतीया पर अक्षय तृतीया के साथ ही ठाकुरजी के भोग राग और पहनावे में बदलाव होगा। ठाकुरजी के विशेष चंदन शृंगार के दर्शन शुरू होंगे। आराध्य गोविंददेवजी सहित अन्य मंदिरों में ठाकुरजी को धोती-दुपट्टा धारण करवाना शुरू होगा। जबकि ठाकुरजी के भोग में शर्बत, ठंडाई, सत्तु, भीगी चनादाल व पंचमेवा, श्रीखंड के साथ तरबूज जैसे ठंडी तासीर के व्यंजन शामिल होंगे।

शहर के आराध्य गोविंददेवजी चंदन यात्रा के रूप में 10 मई को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। सुबह ठाकुर श्री जी का अभिषेक होने के पश्चात ठाकुर श्रीजी को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष केसर चंदन का लेप किया जाएगा। ठाकुर जी को नवीन केसरिया धोती दुपट्टा धारण करवाया जाएगा। ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए सामने फव्वारे की सेवा भी शुरू की जाएगी। ठाकुरजी को इस दिन 5 तरह के ऋतु फलों और मोतिया बेसन लड्डू का भोग लगाया जाएगा। प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के पोशाक सेवा में परिवर्तन होगा, प्रात: काल को धोती दुपट्टा पोशाक सेवा प्रारंभ होगी।

चंदन शृंगार के दर्शन होंगे

चौड़ा रास्ता स्थित मंदिरश्री राधा-दामोदरजी में चंदन शृंगार के विशेष दर्शन होंगे। ठाकुरजी के मंगला झांकी के बाद चंदन शृंगार होगा, जो सुबह और शाम की झांकियों में रहेगा। मंदिर महंत मलय गोस्वामी ने बताया कि अक्षय तृतीया पर ठाकुरजी के चंदन शृंगार के दर्शन होंगे। अक्षय तृतीया पर सुबह मंगला झांकी के बाद ठाकुरजी के चंदन लेप किया जाएगा। इस विशेष झांकी के दर्शन सुबह 7.30 से 11.45 बजे तक होंगे, वहीं शाम को 5 से 7 बजे तक दर्शन होंगे। गोस्वामी ने बताया कि इस दिन से ठाकुरजी के भोगराग व पहनावे में भी बदलाव होगा। राजभोग में श्रीखंड, रसीले फलों में आम, तरबूज, खरबूजा, अंगूर का भोग लगाया जाएगा। ठाकुरजी को रोजाना धोती दुपट्टा धारण करवाया जाएगा। राधे रानी को सूतीतांत की साड़ी धारण करवाई जाएगी।

Updated on:
05 May 2024 03:03 pm
Published on:
05 May 2024 02:16 pm
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