कमिश्नरेट पुलिस ने कालवाड़ के चम्पापुरा में 24 नवम्बर की सुबह अधजले मिले शव की शिनाख्त चांदपोल बाजार स्थित खजाने वालों का रास्ता निवासी मुस्कान के रूप में की।
कमिश्नरेट पुलिस ने कालवाड़ के चम्पापुरा में 24 नवम्बर की सुबह अधजले मिले शव की शिनाख्त चांदपोल बाजार स्थित खजाने वालों का रास्ता निवासी मुस्कान के रूप में की। मुस्कान की हत्या उसके पति मनीष कुमार शर्मा ने ही की थी। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि 23 नवम्बर की रात को मनीष ने घर पर चुन्नी से गला घोंटकर मुस्कान की हत्या कर दी। शव को बोरे में रखकर स्कूटी से चम्पापुरा में सुनसान जगह ले जाकर पेट्रोल से जला दिया। देर रात को वापस घर लौट आया था। मुस्कान के पीहर पक्ष ने दबाव बनाया तो 29 नवम्बर को कोतवाली थाने में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज करवाई। प्राइवेट काम करने वाला मनीष को कोतवाली थाने में कालवाड़ में मिले अधजले शव को शिनाख्त के लिए दिखाया था, लेकिन उसने मुस्कान के नहीं होने की जानकारी दी थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से आरोपी के खिलाफ सुराग मिलेे। राजस्थान पत्रिका ने 29 नवम्बर को शव की शिनाख्त नहीं करवाने को लेकर खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
मिलान हुआ डीएनए
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नोई ने बताया कि शव मुस्कान का ही है। इसके लिए शव के डीएनए से मुस्कान के मां-बाप के रक्त के नमूने लेकर डीएनए करवाया गया। एफएसएल से जांच रिपोर्ट मिल गई, जिसमें मां-बाप का डीएनए मिलने से शव मुस्कान का होने की पुष्टि की गई है।