JDA News: जेडीए सीमा विस्तार में सर्वाधिक फायदा बस्सी तहसील को हुआ है। यहां के 86 राजस्व गांवों को जेडीए रीजन में शामिल कर लिया गया है।
जयपुर। जेडीए सीमा विस्तार में सर्वाधिक फायदा बस्सी तहसील को हुआ है। यहां के 86 राजस्व गांवों को जेडीए रीजन में शामिल कर लिया गया है। वहीं, फुलेरा, किशनगढ़-रेनवाल तहसील के 4-4 गांवों को जेडीए क्षेत्र में शामिल किया गया है। जेडीए रीजन में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नौ गांवों को शामिल किया है। ये विराट नगर तहसील के गांव हैं।
अधिसूचना में विराट नगर को जयपुर जिले में गलती से दिखाया गया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को जेडीए रीजन में शामिल 3 सूचियां जारी कीं जिनमें कुल 693 गांव शामिल हैं। वहीं एक सूची नई है। इसमें 632 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है। ये राजस्व गांव जिले की 17 तहसीलों के हैं।
दूसरी सूची: 47 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है। ये गांव जोबनेर, शाहपुरा और चाकसू के मास्टरप्लान के नगरीय क्षेत्र में अधिसूचित किए गए हैं। इनमें जोबनेर नगरीय क्षेत्र के 15, शाहपुरा नगरीय क्षेत्र के 10 और चाकसू नगरीय क्षेत्र के 22 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है।
तीसरी सूची: मास्टर प्लान योजना-2025 में अधिसूचित सीमा में शामिल राजस्व गांव, जो पूर्व में अस्तित्व में थे, लेकिन सहवन से प्राधिकरण क्षेत्र के राजस्व गांवों की अधिसूचना में शामिल होने से रह गए थे। इनमें जयपुर-चौमूं तहसील के दो-दो और सांगानेर तहसील के 10 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है।
-टोंक रोड पर चाकसू के मास्टर प्लान की सीमा तक।
-फागी रोड पर फागी के आस-पास तक।
-अजमेर रोड पर दूदू के आस-पास तक।
-कालवाड़ रोड पर जोबनेर के मास्टर प्लान की सीमा तक।
-चौमूं-रेनवाल रोड पर कालाडेरा तक।
-सीकर रोड पर उदयपुरिया मोड़ के आस-पास तक।
-चौमूं अजीतगढ़ रोड पर सामोद के आस-पास तक।
-दिल्ली रोड पर शाहपुरा के मास्टर प्लान की सीमा तक।
-आगरा रोड पर जयपुर जिले की सीमा तक।
बुनियादी सुविधाओं में सुधारः जल आपूर्ति, सड़कें, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं में इजाफा होगा।
भूमि उपयोग और नियमनः भूमि का उपयोग अब मास्टर प्लान के अनुसार होगा, जिससे अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगेगी।
बढ़ेंगे जमीन के भावः जेडीए क्षेत्र में आने से जमीन की कीमतें बढ़ जाएंगी। इससे स्थानीय निवासियों को आर्थिक लाभ होगा।
क्षेत्रफल दोगुना से अधिक होने पर निगरानी और नियोजन करना आसान नहीं होगा। जेडीए रीजन में आने से लोगों को मूलभूत सुविधाओं की दरकार रहेगी। ऐसे में अधिक स्टाफ, संसाधन और बजट की आवश्यकता होगी।
-नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
-निर्माण, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
-ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई कम होगी।
-शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी।
जेडीए रीजन का विस्तार होने से व्यवस्थित विकास होगा। लेकिन अवैध निर्माण रोकना भी बड़ी चुनौती होगा। मौजूदा सीमा क्षेत्र में ही जेडीए अवैध कॉलोनियों को बसने से नहीं रोक पाया। सैकड़ों अवैध कॉलोनियां बस गईं। बाद में जेडीए ने इनका नियमन भी कर दिया। जबकि, इन कॉलोनियों में कई सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव है।