विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप : विश्व स्कीट में पहली बार मिला पदक, व्यक्तिगत स्पर्धा में गुरनैल ने जीता कांस्य पदक
जयपुर. ओलंपियन अपूर्वी चंदेला, माननी कौशिक के बाद पिंकसिटी के अनंतजीत सिंह नरूका का प्रदर्शन भी जयपुराइट्स के लिए खुशखबरी लेकर आया है। अनंतजीत ने कोरिया के चांगवोन में चल रही 52वीं आइएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप की स्कीट स्पर्धा में भारतीय टीम को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अनंतजीत इस स्पर्धा के नेशनल जूनियर चैंपियन भी रह चुके हैं। भारतीय निशानेबाजी टीम में अनंतजीत सिंह नरूका के अलावा गुरनैल सिंह गरचा और आयुष रुद्रराजू शामिल हैं। विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत ने मंगलवार को पुरुष स्कीट निशानेबाजी स्पर्धा में दो पदक जीते। गुरनैल सिंह गरचा ने व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता। खास बात यह है कि भारत ने विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में पहली बार स्कीट स्पर्धा में पदक अपने नाम किए।
इटली के खिलाड़ी से मिली टक्कर
अभी तक भारत ने सभी शॉटगन पदक ट्रैप और डबल ट्रैप स्पर्धाओं में जीते थे, लेकिन यह पहली बार है जब उसे विश्व चैंपियनशिप में भारतीय स्कीट निशानेबाजों ने पदक दिलाए हैं। स्कीट जूनियर पुरुष स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड में गुरनैल सिंह और आयुष ने एक समान 119 के स्कोर के साथ चार चरण के शूटऑफ में क्वालीफाइंग के आखिरी दो पायदानों पर जगह पक्की की। आयुष ने सातवें जबकि गुरनैल ने छठे स्थान के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। गुरनैल को हालांकि फाइनल में इटली के एलिया रूसियोली से कड़ी टक्कर मिली, जिससे उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इतालवी निशानेबाज ने 60 शॉट्स में से 55 पर सटीक निशाना लगाते हुए स्वर्ण पदक तथा अमरीका के निक मोशेटी ने 54 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता।
गुरनैल ने की अच्छी शुरुआत
गुरनैल अच्छी शुरुआत करते हुए 30 में से 28 शॉट्स के साथ शीर्ष पर थे, फिर उन्होंने 40 में से 38 और पहले 46 शॉट्स में से 43 पर सटीक निशाना लगाया, लेकिन स्वर्ण या रजत सुनिश्चित करने के लिए आखिरी चार में से सभी चार शॉट्स पर सटीक निशाना लगाना था, लेकिन वह तीन पर सटीक निशाना लगा सके जिससे कांस्य से संतोष करना पड़ा।
एक अंक से चूक गए स्वर्ण पदक
जूनियर पुरुष स्कीट टीम को रजत पदक मिला जो क्वालीफिकेशन के पहले राउंड के बाद स्वर्ण पदक की होड़ में बनी हुई थी। भारतीय टीम चेक गणराज्य की टीम से एक अंक से पिछड़कर स्वर्ण नहीं जीत सकी। अनंत 117 के स्कोर के साथ 13वें नंबर पर रहे जबकि गुरनैल और आयुष के साथ टीम का कुल स्कोर 355 रहा।