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क्लास 3 से ही AI पढ़ेंगे बच्चे, CBSE ने 2026-27 सेशन से शुरू किया नया पाठ्यक्रम

CBSE AI Curriculum 2026: नया Computational Thinking & Artificial Intelligence Curriculum शुरू।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Apr 08, 2026

photo: Dharmendra Pradhan Minister X Handle

photo: Dharmendra Pradhan Minister X Handle

जयपुर/नई दिल्ली. अब स्कूलों में पढ़ाई और भी भविष्य-उन्मुखी हो गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से क्लास 3 से 8 तक के छात्रों के लिए Computational Thinking (CT) और Artificial Intelligence (AI) का नया पाठ्यक्रम शुरू कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 1 अप्रेल 2026 को इस curriculum framework को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और National Curriculum Framework for School Education (NCF SE) 2023 के अनुरूप है।

क्या पढ़ाया जाएगा ?

  • लॉजिकल रीजनिंग, प्रॉब्लम-सॉल्विंग, पैटर्न रिकग्निशन और एल्गोरिदमिक थिंकिंग जैसी बुनियादी स्किल्स।
  • AI की बुनियादी समझ — मशीन कैसे सीखती है, डेटा का उपयोग, डिजिटल सुरक्षा और एथिकल इस्तेमाल।
  • क्लास 3-5 में कहानियों और गतिविधियों के जरिए, जबकि क्लास 6-8 में प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स और इंटरैक्टिव सेशन्स के माध्यम से।

पूरा फ्रेमवर्क वेबसाइट पर उपलब्ध

CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को इस पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। पूरा फ्रेमवर्क CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

उद्देश्य क्या है ?

यह curriculum बच्चों को सिर्फ गैजेट्स चलाना नहीं सिखाएगा, बल्कि AI-ready learners बनाएगा। इससे बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग बढ़ेगी, वे इंटरनेट पर फैलने वाली अफवाहों से बच सकेंगे और भविष्य की टेक्नोलॉजी को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। CBSE पहले से क्लास 6 से AI का 15 घंटे का इंट्रोडक्टरी मॉड्यूल और क्लास 9-12 में AI को ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में पढ़ा रहा था। अब इसे प्राइमरी लेवल से अनिवार्य बनाने का यह बड़ा कदम है।

बदलाव भारत को ग्लोबल AI क्रांति में आगे लाएगा

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत को ग्लोबल AI क्रांति में आगे लाने में मदद करेगा। साथ ही, शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।आंध्र प्रदेश, दिल्ली, तमिलनाडु समेत कई राज्य पहले से ही AI एजुकेशन पर काम कर रहे हैं, लेकिन अब CBSE के इस फ्रेमवर्क के साथ पूरे देश में एकरूपता आएगी।