
Ex CM Ashok Gehlot
भारतीय राजनीति की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई के निधन से राजस्थान सहित पूरे देश में शोक की लहर है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनके साथ बिताए दशकों पुराने संस्मरणों को याद किया। गहलोत ने बताया कि किदवई न केवल एक निडर नेता थीं, बल्कि वे कांग्रेस की उस विचारधारा की संरक्षक थीं, जिसने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के दौर में देश को नई दिशा दी।
अशोक गहलोत ने अपने शोक संदेश में मोहसिना किदवई के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब गहलोत भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के अध्यक्ष थे, उस समय मोहसिना किदवई उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल रही थीं।
गहलोत ने कहा कि तभी से किदवई जी का उनके प्रति सदैव विशेष स्नेह और मार्गदर्शन रहा। संसद में भी दोनों नेताओं को लंबे समय तक साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
गहलोत ने अपने पोस्ट में 1978 के उस चुनौतीपूर्ण समय का विशेष उल्लेख किया जब कांग्रेस पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी। आपातकाल के बाद आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में मोहसिना किदवई की ऐतिहासिक जीत ने देशभर में कांग्रेस के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाया था। गहलोत ने उन्हें एक निडर और प्रखर वक्ता बताया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी का झंडा बुलंद रखा।
मोहसिना किदवई ने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में कई अहम पोर्टफोलियो संभाले। देश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान, बुनियादी ढांचे के विकास को गति दी, विमानन क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए।
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में मोहसिना किदवई को एक मिलनसार और समर्पित व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता था। अशोक गहलोत ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। उनके निधन से कांग्रेस ने एक ऐसी नेता को खो दिया है जो नेहरू-गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ मजबूती से खड़ी रहीं।
Published on:
08 Apr 2026 03:39 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
