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Rajasthan Politics : जारी है अशोक गहलोत की ‘इंतज़ार शास्त्र’ सीरीज़, अब खेल-खिलाड़ियों को लेकर साधा भजनलाल सरकार पर निशाना 

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस सीरीज का चैप्टर-17 जारी किया, जिसमें उन्होंने जोधपुर के खेल बुनियादी ढांचे की बदहाली का मुद्दा उठाकर भजनलाल सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। गहलोत का आरोप है कि सरकार की अनदेखी के कारण करोड़ों की लागत से बना 'राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट' आज सफेद हाथी साबित हो रहा है।

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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को अपनी डिजिटल सीरीज 'इंतजारशास्त्र' के 17वें अध्याय के जरिए प्रदेश की खेल राजनीति में उबाल ला दिया है। गहलोत ने जोधपुर स्थित राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (RSSI) और अमृतलाल स्टेडियम की उपेक्षा को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब "खेलेगा राजस्थान, तो खिलेगा राजस्थान" का नारा दिया जा रहा है, तो फिर तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर को ताले में क्यों बंद रखा गया है?

स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट : सब कुछ तैयार...

अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में उल्लेख किया कि जोधपुर में NIS पटियाला की तर्ज पर एक विश्वस्तरीय 'राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट' का निर्माण कांग्रेस सरकार के दौरान किया गया था। संस्थान की पूरी इमारत, सिंथेटिक ट्रैक और स्पोर्ट्स सेंटर बनकर तैयार हैं।

गहलोत का दावा है कि सब कुछ तैयार होने के बावजूद सरकार यहाँ कोचों की नियुक्ति नहीं कर रही है, जिससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है।

अमृतलाल स्टेडियम : दुर्दशा पर सवाल

जोधपुर के ऐतिहासिक अमृतलाल स्टेडियम को लेकर भी गहलोत ने सरकार की 'सुस्ती' पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि रखरखाव के अभाव में स्टेडियम का बुनियादी ढांचा दम तोड़ रहा है। खेल सुविधाओं के अभाव में जोधपुर के युवा खिलाड़ी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

'लापरवाही नहीं, यह युवाओं के साथ अन्याय है'

पूर्व मुख्यमंत्री ने भजनलाल सरकार की कार्यप्रणाली को 'अदूरदर्शी' बताते हुए कहा कि करोड़ों रुपये का निवेश करने के बाद उसे उपयोग में न लाना सार्वजनिक धन की बर्बादी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जोधपुर का होने के कारण इन प्रोजेक्ट्स को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है, जो कि मारवाड़ के युवाओं के साथ सरासर अन्याय है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी 'क्रेडिट वॉर'

'इंतजारशास्त्र' सीरीज के जरिए गहलोत एक-एक करके उन सभी प्रोजेक्ट्स की लिस्ट जनता के सामने रख रहे हैं, जो उनकी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट थे। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वर्तमान सरकार विकास कार्यों को गति देने के बजाय उन्हें रोकने में लगी है।