खुशखबर। संविदा पर 3 साल तक नौकरी करने वाले नियमित हो सकेंगे। सीएम अशोक गहलोत ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है।
खुशखबर। संविदा पर 3 साल तक नौकरी करने वाले नियमित हो सकेंगे। सीएम अशोक गहलोत ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य सरकार की किसी योजना या प्रोजेक्ट में 3 साल तक संविदा पर काम करने वाले नियमित नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। ऐसे कर्मचारियों को स्क्रीनिंग की प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाएगा। क्रमिक विभाग ने इसको लेकर संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति देने संबंधी 1 साल पुराने नियम में संशोधन किया है। बुधवार को उसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विभिन्न कार्मिक वर्गों के लिए कई संवेदनशील निर्णय लिए हैं। इसी के तहत सीएम गहलोत ने राज्य में राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022 के अंतर्गत संविदा पर कार्यरत 10528 कार्मिकों को नियमित करने के लिए नए पदों के सृजन की मंजूरी दी है।
4966 नए पदों के सृजन की स्वीकृति
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महात्मा गांधी नरेगा योजना में कार्यरत 9 वर्ष या इससे अधिक का कार्यानुभव रखने वाले संविदा कार्मिकों के लिए संविदा पदों के स्थान पर 4966 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। इन नवसृजित पदों में कनिष्ठ तकनीकी सहायक के 1698, ग्राम रोजगार सहायक के 1548, डाटा एंट्री सहायक के 699, लेखा सहायक के 622, एम.आई.एस. मैनेजर के 159, सहायक के 150, समन्वयक (अभिसरण एवं मूल्यांकन) के 48, समन्वयक (आई.ई.सी./प्रशिक्षण/पर्यवेक्षण) के 40 तथा प्रोग्रामिंग एवं एनालिसिस विशेषज्ञ व प्रोग्रामिंग विशेषज्ञ का 1-1 पद शामिल हैं। ये पद ग्रामीण विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में होंगे।
मदरसा बोर्ड में संविदा पर कार्यरत 5562 कार्मिक होंगे नियमित
इसी प्रकार सीएम गहलोत ने राजस्थान मदरसा बोर्ड में भी 9 वर्षों से अधिक का कार्यानुभव रखने वाले कार्मिकों को नियमित करने के लिए संविदा पदों के स्थान पर 5562 पदों के सृजन का फैसला किया है। नवसृजित पदों में शिक्षा अनुदेशक के 5220, कम्प्यूटर अनुदेशक के 215, कम्प्यूटर शिक्षा सहयोगी के 88 एवं शिक्षा सहयोगी के 39 पद शामिल हैं।
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