जयपुर

राजस्थान सरकार से इस बात को लेकर नाराज़ हुए कर्मचारी, जानिए क्या है वजह

राजस्थान सरकार से इस बात को लेकर नाराज़ हुए कर्मचारी, जानिए क्या है वजह
2 min read
Jun 18, 2018
Government Employee news

जयपुर राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक रविवार को प्रदेशाध्यक्ष आयुदान सिंह कविया की अध्यक्षता में प्रदेश कार्यालय मन्दिर श्री गोवर्धननाथ जी चौडा रास्ता, जयपुर में सम्पन्न हुई। जिसमें राजस्थान सरकार की नीतियों की महासंघ ने जमकर निंदा की। बैठक में तय किया गया कि संघर्ष समिति की बैठक के बाद आम हडताल की तारीख घोषित होगी।


इसलिए है कर्मचारियों में आक्रोश

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आयुदान सिंह कविया ने कहा कि राजस्थान सरकार कर्मचारियों को वार्ताओं के भ्रमजाल में फंसा कर गुमराह कर रही है एवं कर्मचारी आंदोलन को शिथिल करने का प्रयास कर रही है। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के साथ बहुत बडा धोखा किया है जिसको प्रदेश का कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रति कर्मचारियों में भारी आक्रोश है एवं कर्मचारी किसी भी हद तक जाने को तैयार है। राजस्थान सरकार द्वारा लागु की गयी नवीन पेंशन योजना, पांचवी अनुसूची के नाम पर लाखों कर्मचारियों के वेतन से कटौती, सातवें वेतन आयोग के परिलाभ केन्द्र के अनुरूप स्वीकृत नहीं करने, पे मेट्रिक्स लेवल में फेरबदल कर कर्मचारियों को आर्थिक हानि पहुंचाने का प्रयास किया है जिससे कर्मचारी ठगा सा महसूस कर रहा है। मंत्रीमण्डलीय उप समिति द्वारा अब तक की गयी वार्ताओं के परिणाम नहीं आने के कारण महासंघ को मजबूरन आंदोलन में जाना पड रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से आम हडताल करने का निर्णय लिया गया।

लगाया वायदा खिलाफी का आरोप

महासंघ के प्रदेश महामंत्री तेजसिंह राठौड ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार सत्तारूढ होने के साथ ही कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का कार्य किया है जो आज दिवस तक जारी है। राज्य सरकार कर्मचारियों की शालीनता को कमजोरी मान रही है जो राज्य सरकार की गलतफहमी है। सरकार ने समय-समय पर कर्मचारी विरोधी आदेश प्रसारित किये है जिनका समय आने पर माकूल जवाब दिया जावेगा। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की बैठक में लिये गये आंदोलन के निर्णयों की क्रियान्विति अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को साथ लेकर की जावेगी। कार्यक्रमों की घोषणा संघर्ष समिति के साथ वार्ता उपरान्त की जायेगी।

यह हुए शामिल


बैठक में महासंघ के 50 से अधिक सम्बद्ध एवं सहयोगी संगठनों ने भाग लिया इस दौरान महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के.के. गुप्ता, मदन सिंह, चन्द्रशेखर शर्मा, गिरीश कुमार शर्मा, सोहनलाल डारा, अजय सैनी, महावीर प्रसाद शर्मा, कृष्ण मुरारी शर्मा, योगेन्द्र सिंह शेखावत, महेन्द्र कुमार तिवारी, नारायण सिंह, दुर्गाराम मोगा, पूनमाराम विश्नोई, सत्यनारायण शर्मा, सीताराम सुलानिया सहित जिलों के जिलाध्यक्षों ने सम्बोधित किया।

Published on:
18 Jun 2018 05:40 pm
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