
Rajasthan Politics : राजस्थान में निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उधर भाजपा भी इन चुनावों में जीत के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीएम भजनलाल शर्मा और भाजपा पर आरोप लगाया है कि जानकारी में आया है कि DM और SDM को फोन करके BJP के लिए जिताऊ उम्मीदवारों के फॉर्म मांगे जा रहे हैं।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि सत्ता बदलेगी तो कुर्सियां भी बदलेंगी और हिसाब भी पूरा होगा, ये याद रखें। सत्ता के अहंकार में डूबे भाजपाई और CMO में बैठकर अपने "कनक की हनक" दिखाने वाले अधिकारी कान खोलकर सुन लें, सत्ता स्थायी नहीं है, सत्ता परिवर्तित है।
गोविंद सिंह डोटासरा ने आगे लिखा कि जानकारी में आया है कि निकाय चुनाव से पहले ही हार मान चुकी BJP, अब CMO में बैठे अधिकारियों की आड़ में जिले के अधिकारियों पर अनुचित और अनैतिक दबाव बना रही है।
DM और SDM को फोन करके BJP के लिए जिताऊ उम्मीदवारों के फॉर्म मांगे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कर्मचारियों के परिवार को धमकाने की कोशिश की जा रही है।
सीएम भजनलाल से सवाल करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान में ये कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित की जा रही है? लोकतंत्र भाजपा का निजी दरबार नहीं है, ये तानाशाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारी भी याद रखें.. वक़्त आने पर हर हिसाब देना पड़ेगा।
इधर कांग्रेस पार्टी ने सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव समन्वयकों की नियुक्ति की है। ये समन्वयक जमीनी फीडबैक जुटाने के साथ कार्यकर्ताओं और दावेदारों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। तीन दिवसीय प्रवास और बैठकों के बाद स्थानीय निकाय चुनावों में प्रत्याशी चयन से जुड़ी विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट 27 अगस्त यानि आज तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जयपुर मुख्यालय में जमा करनी होगी।
प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में गुरुवार यानि आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही चुनावी शोर भी शुरू हो जाएगा। नामांकन सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। 10,245 वार्डों में होने वाले इस चुनाव में प्रत्याशियों को आपराधिक रिकॉर्ड, शैक्षणिक योग्यता और चल-अचल संपत्ति का शपथ पत्र भी देना होगा। आयोग के अनुसार राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को नामांकन के लिए एक प्रस्तावक, जबकि निर्दलीय को पांच प्रस्तावक साथ लाने होंगे। चुनाव खर्च का ब्यौरा भी आयोग को देना होगा।