एक अमेरिकन युवती अपने माता-पिता के साथ क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोपालगढ़ के अधीन रामगढ़ बांध की पाल पर स्थित कीरों की ढाणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंची।
'रायसर-पढ़ा लिखा हो हर नागरिक तो नहीं हो कहीं बेईमानी, मिले जनता को अपना अधिकार तो पा ले वो सुकून से जिंदगानी' शिक्षा के प्रति अपने दादा के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए बुधवार को एक अमेरिकन युवती अपने माता-पिता के साथ क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोपालगढ़ के अधीन रामगढ़ बांध की पाल पर स्थित कीरों की ढाणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंची।
यहा नन्हे मुन्ने विद्यार्थियों से रूबरू होने के बाद चॉकलेट व मिठाइयां बाटी और शिक्षा के प्रति जागरूक किया। अमेरिका के फ्लोरिडा से अपने पिता आयुष व माता राधिका के साथ पहुंची अंजनी ने कहां कि मेरे दादा डॉ. अनिल भटनागर भारत के देहरादून के मूल निवासी थे और उनका सपना शिक्षा को बढ़ावा देना था। उनकी कहानियों के माध्यम से भारत के लोगों की संस्कृति एवं शिक्षा के प्रति प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरित होकर अंजनी ने भी गरीब, असहाय व पिछड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों की सहायता करने की पहल शुरू की है।
जिसके तहत रामगढ़ बांध की पाल के आसपास रहने वाले गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए वर्ष 2015 में रायसर निवासी भामाशाह मगन सिंह के सहयोग से शुरू किया गया। राजकीय विद्यालय में हमेशा सहयोग प्रदान करती आई है। अंजलि बुधवार को अपने माता-पिता के साथ जमीनी हकीकत जानने व उनसे रुबरु होने के लिए रामगढ़ बांध की पाल पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंची।
बच्चों से मिलने के बाद अंजलि बड़ी प्रसन्न हुई और बच्चों को तरह तरह की चॉकलेट व पढ़ाई के लिए पेन, रूल सहित कई प्रकार की शिक्षा सामग्री वितरित करते हुए विद्यार्थियों की शिक्षा पर खर्च करने के लिए डेढ़ लाख का चेक सौंपा। वहीं विद्यालय में आधुनिक तरीके से टॉयलेट, कमरे, फर्नीचर, हरे-भरे लोन, पंखे सहित डेवलपमेंट करने के लिए करीब 15 लख रुपए व आगे भी जरूरत के हिसाब से बच्चों पर खर्च करते रहने की बात कही।