देश की समृद्धि एवं शांति के लिए आयोजित महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने अमन चैन की दुआ खुशहाली की कामना की। यज्ञाचार्य पंडित कमलेश शास्त्री ने यज्ञ कुंडों पर बैठे यजमानों से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समिधा, गोघृत एवं सुगंधित हवन सामग्री से आहुतियां दिलवाई।
यज्ञशाला में गूंजते वेद मंत्र, हवन कुंडों से उठती सुवास और परिक्रमा में लगते बाबा बालकनाथ के जयकारे। कुछ ऐसा ही नजारा दिखा बाबा बस्तीनाथ महाराज के सान्निध्य में गोनेर रोड लूनियावास स्थित श्री बाबा बालकनाथ आश्रम में आयोजित 108 कुंडीय रुद्र महामृत्युंजय महायज्ञ में गुरुवार को। देश की समृद्धि एवं शांति के लिए आयोजित महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने अमन चैन की दुआ खुशहाली की कामना की।
यज्ञशाला में गूंजते वेद मंत्र, हवन कुंडों से उठती सुवास से पूरा वातावरण धर्ममय बना हुआ है। कई जन प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी यज्ञ स्थल पर पहुंचे और हवन कुंड में आहुतियां दी और महाराज से आशीर्वाद लिया। यज्ञाचार्य पंडित कमलेश शास्त्री ने यज्ञ कुंडों पर बैठे यजमानों से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समिधा, गोघृत एवं सुगंधित हवन सामग्री से आहुतियां दिलवाई।
इस दौरान माहौल जयकारों से गुंजायमान हो गया। यज्ञ में आहुतियां देने से पहले बाबा बस्तीनाथ ने कहा कि आज हवन कुंड पर बुराइयों का त्याग करने का संकल्प करें। यज्ञ के चौथे दिन यज्ञशाला के परिक्रमा लगाने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
देशी—विदेशी हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंडों के दर्शन कर यज्ञशाला के परिक्रमा लगाई। यज्ञ कुंडों से उठती सुवास से आश्रम एवं आस-पास के क्षेत्र महक रहा हैं और यज्ञ के दर्शनों के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के कारण आश्रम में मेले सा माहौल बना रहा।