
मुंबई. ठाकुरद्वार जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में श्रीपती ज्वेल्स पर्ल ई-विंग, आदेश्वर भवन में आयोजित चातुर्मास प्रवचनमाला में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाई गई। साध्वी भव्यगुणा ने कहा कि गुरु जीवन का आधार हैं और वही मनुष्य को भवसागर से पार लगाने वाले सच्चे मार्गदर्शक हैं। भारतीय एवं जैन संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा नैतिकता, सदाचार, श्रद्धा और समर्पण की अमूल्य धरोहर है। साध्वी शीतलगुणा ने कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं, उसका जीवन शुरू नहीं। गुरु ही आत्मचेतना को जागृत करने वाले वास्तविक पथप्रदर्शक हैं। संघ अध्यक्ष हसमुख जैन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न धार्मिक लाभ प्राप्त करने वालों में बदामीबाई कांतिलाल जैन, बस्तीमल कपूरचंद बाफना, कमलाबाई शांतिलाल चरली, हसमुख वस्तीमल जैन, सुखी देवी सुमेरमल वाणीगोता, कमलाबाई रामलाल वेदमुथा, मांगीलाल छगनराज मेहता, वस्तीमल कपूरचंद बाफना तथा कमलाबाई शांतिलाल केशरीमल परिवार शामिल रहे। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को साधना कक्ष के उद्घाटन एवं स्थापना समारोह का आयोजन होगा।