
जयपुर. गुरु (Guru) अर्थात बृहस्पति (Jupiter) ग्रह नवग्रहों में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह हैं। वे देवताओं के गुरु भी माने जाते हैं। कुंडली में गुरु को वैवाहिक जीवन, धन और संतान का कारक माना जाता है। गुरुवार उनका प्रिय दिन है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) की पूजा- अर्चना से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि कुंडली में गुरू की शुभ स्थिति बहुत जरूरी है. इसके अभाव में जातक को बहुत दुख सहने पड़ते हैं। गुरुवार के दिन बृहस्पति देव या भगवान विष्णु की विधिवत पूजा—अर्चना करने से कष्ट कम होने लगते हैं। जीवन में धीरे—धीरे सुखों की प्राप्ति होने लगती है।
कैरियर के लिहाज से बृहस्पति देव का आशीर्वाद प्राप्त करना बहुत जरूरी है। इसके लिए गुरुवार को कुछ उपाय करने से लाभ मिलता है। इस दिन मंदिर में या किसी जरूरतमंद को चने की दाल दान करें। बृहस्पतिवार के दिन धार्मिक पुस्तकों का दान करने से भी बृहस्पति देव का आर्शीवाद प्राप्त होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार माथे पर केसर का तिलक लगाना भी लाभदायक होगा। गुरुवार को पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए स्नान करें। गुरुवार का व्रत रखें और भगवान् विष्णु की पूजा अर्चना करें। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ जरूर करें। इससे अवश्य लाभ मिलेगा।