
जयपुर। विधानसभा के दो विधायकों की मौत से मौजूदा विधायकों में अपशगुन की शंका घर कर गई है। आलम ये है कि अब विधानसभा परिसर में एक विधायक को तो भूत प्रेत तक नजर आने लगे हैं। पहले मांडलगढ़ से विधायक कीर्ति कुमारी और अब नाथद्धारा से विधायक कल्याण सिंह के असामायिक निधन से विधायकों की यह शंका अब जुबान तक आ गई है। वहीं विधानसभा के बाहर आज भी भूतों और आत्माओं को लेकर चर्चा जारी रही। विधायक ज्ञानदेव आहूजा बोल पड़े कि "मेरे साथ हमेशा एक अदृश्य शक्ति रहती है, हनुमान जी मेरे मित्र हैं और मेरे दोस्त हैं। जो हमेशा मेरे साथ रहते हैं।" मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं हैं, मैने तो क्षेत्र के लोगों के लिए कई मामले उठाए हैं। कांग्रेस अपने सीएम प्रत्याशी का नाम तय करे और उसके बाद चुनाव की तैयारी करें। भाजपा की इस सबंध में कोई बैठक नहीं हुई। बैठक होने पर ही नाम तय हो सकेगा। अब फिर भाजपा सरकार बनाएगी।
नागौर से आने वाले बीजेपी विधायक हबीबुर्रहमान ने तो सदन के सदस्यों की इस असामायिक मौत के लिए विधानसभा भवन स्थल को ही अपशगुनी करार दे दिया है। विधायक हबीबुर्रहमान बोले "विधानसभा में से कुछ तो निकलेगा ही, इससे किसी न किसी का तो भला होगा ही।" उन्होंने अपशगुनी होने का यह बीज किसी ओर के मन में नहीं बल्कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मे मन में डाला है। विधायक श्रवण चौधरी ने कहा कि भाजपा ने लोगों की आत्मा दुखाई है, यह उनका ही भूत है। विधानसभा के भीतर कोई भूत नहीं है। विधायक राजकुमार शर्मा ने कहा, "मैं आई टी मिनिस्टर रहा हूं, यहां पर कोई भूत नहीं है, अगर धार्मिक अनुष्ठान कराना है तो मुख्य सचेतक के कहने के साथ ही सरकार उन लोगों के लिए भी कराए जो किसान आंदोनल में जाम में फंसे हुए हैं।" विधायक बनवारी लाल सिंघल ने कहा, "यहां किसी प्रकार का कोई भूत नहीं है, विधानसभा के ईशान कोण में शमशान है जो गलत है। उसका वास्तुदोष सुधारना चाहिए।" विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि "मुझे भी मालूम है और सभी को मालूम है कि यहां पर कौन सा भूत कहां पर बैठा है। किसी दिन इस पर चर्चा होगी।" आपको बता दें कि मुख्यमंत्री से विधायकों ने कहा कि "जब से विधानसभा बनी है, तब से दो सौ विधायक एक साथ कभी पूरे पांच साल नहीं कर पाए हैं। इस तरफ ध्यान देना होगा।"