Rajasthan Weather Update : राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शुक्रवार को ओलावृष्टि और बारिश का दौर चला। चौमूं और रींगस में चने के आकार के ओले गिरे।
जयपुर। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शुक्रवार को ओलावृष्टि और बारिश का दौर चला। चौमूं और रींगस में चने के आकार के ओले गिरे। अधिकतर जिलों में गुरुवार देर रात से रुक-रुक कर बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश रींगस में नौ मिलीमीटर दर्ज की गई। फतेहपुर में 7 मिमी अजीतगढ़ में 6 मिमी बारिश हुई। अजमेर में 7.8, जयपुर में 8, पिलानी में 7, श्रीगंगानगर में 8 मिलीमीटर बारिश हुई। ओलावृष्टि और बारिश से प्रदेश में सर्वाधिक 11 डिग्री तक दिन के तापमान में गिरावट हुई।
मौसम केन्द्र के अनुसार राज्य में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब समाप्त हो गया है। आगामी दो-तीन दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने और उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री व अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट होने की संभावना है।
एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 26-27 जनवरी को राज्य के कुछ भागों में सक्रिय होने की संभावना है। इसका सर्वाधिक प्रभाव 27 जनवरी को होने व राज्य के पश्चिमी व उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान कृषि अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. हरफूल सिंह का कहना है कि यह शांत बारिश हुई है, जो सभी फसलों के लिए फायदेमंद होगी। इससे जमीन में नमी होने से दीमक आदि का प्रकोप कम होगा। फसलों की वृद्धि होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा।
इस बार मानसून देर तक रहने से सरसों व चना जैसे असिंचित क्षेत्र की फसलों का रकबा बड़ा था, बारिश से फसलें अच्छी तरह पकेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा। वहीं गेहूं, जौ जैसी सिंचित क्षेत्र की फसलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद होगी।