
अमित पारीक / जयपुर . पत्नी से प्रताडि़त एक युवक ने मंगलवार सुबह फंदे से लटक अपनी ईहलीला समाप्त कर ली। सात साल से अलग रह रही महिला सोमवार शाम ही लौटी थी। पीडि़त पक्ष ने महिला और पीहर वालों के खिलाफ युवक को प्रताडि़त करने व आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया है। आत्महत्या करने वाला हीरालाल कुमावत (33) खातीपुरा स्थित कुमावत बाड़ी में रहता था। वह महारानी कॉलेज में एसटीए लाइब्रेरियन था।
पुलिस ने बताया कि पति-पत्नी रात को घर के बेसमेंट में सोए थे। सुबह 6.30 बजे महिला तो ऊपर आ गई छोटे भाई ने नीचे जाकर देखा तो चकित रह गया। हीरालाल पंखे से रस्सी से लटका था। उसे तुरंत उतार अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार उसकी 13 साल पहले बोराज निवासी सविता से शादी हुई थी। तभी से वह हीरालाल पर भाइयों-मां से अलग होने का दबाव बना रही थी। लेकिन वह उनसे अलग नहीं होना चाहता था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में झगड़े होते थे। सात साल से महिला अपने दोनों बच्चों के साथ पीहर रह रही थी।
स्टाफ के सामने जलील किया
सोमवार दोपहर को महिला पीहर पक्ष के साथ राजस्थान विश्वविद्यालय में गई थी। वहां पर भी उन्होंने स्टाफ के सामने हीरालाल को धमकाया। उसे दहेज प्रताडऩा के केस में फंसाने की धमकी दी। उससे खाली कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। वे लोग रजिस्ट्रार से भी मिले। उधर रजिस्ट्रार ने भी पीडि़त युवक से मामला सुलझाने को कहा था। उसके बाद से ही युवक तनाव में आ गया। हालांकि इस बारे में पुष्टि नहीं हो पाई।
शाम को ससुराल पहंची
पुलिस ने बताया कि सोमवार शाम को महिला ससुराल पहुंच गई। पीहर पक्ष के लोग भी उसके साथ थे। आते ही उन्होंने फिर युवक को धमकाया और केस में फंसाने की बात कही। उनका कहना था कि वह खाली कागजों पर हस्ताक्षर कर चुका है अब उसे नौकरी से हटवाएंगे। यह सुन हीरालाल और गुमसुम हो गया।