
Ashok Gehlot : जयपुर के अम्बेडकर सर्किल पर प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य व अशोक गहलोत। फोटो पत्रिका
Ashok Gehlot : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, यह देश किस दिशा में जा रहा है या किस दिशा में जाएगा, यह कोई नहीं जानता क्योंकि NDA सरकार ने जो तरीका अपनाया, उसमें उनकी कोई प्रतिक्रिया या कोई बयान नहीं देते। विपक्षी दलों की मांग पर भी कोई ध्यान नहीं देते हैं। पूरे देश में बहुत आक्रोश है। यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास पर चल रहे धरने के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जयपुर के अम्बेडकर सर्किल पर प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और कहाकि मोदी सरकार की चुप्पी ने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि लोकसभा और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष को प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने को मजबूर होना पड़ा है।
मीडिया से 49 सिविल लाइंस पर वार्ता के दौरान अशोक गहलोत ने कहा कि मैं बहुत लंबे अरसे से कह रहा हूं कि यह देश किस दिशा में जा रहा है, कोई नहीं जानता, किस दिशा में जाएगा, किसी को नहीं मालूम। सरकार को इस समस्या को जिस रूप में लेना चाहिए था नहीं लिया। लाखों बच्चों के भविष्य का सवाल है। NEET पेपर आउट हो गया था सरकार को जो रिस्पॉन्स देना चाहिए था सरकार उसमें पूरी तरह फेल हो गई। जिसके बाद यह आंदोलन शुरू हुआ।
अशोक गहलोत ने कहा कि बीते 15-20 दिन से लोग भूख हड़ताल पर बैठ हैं। पर सरकार के किसी नुमाइंदा ने उनसे मिलकर कोई बात नहीं की, उनकी समस्या नहीं सुनीं। अशोक गहलोत ने कहा कि जब से घटना हुई है राहुल गांधी लगातार धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग रहे हैं। कोई जवाब नहीं, सरकार का एक्शन भी नहीं तब आज यह हालात बने हैं। यह बहुत दुखद है। लोकसभा-राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और अनेक सांसदों को पीएम हाउस के सामने बैठना पड़े, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा? आप सोच सकते हैं कि देश-दुनिया में क्या मैसेज जा रहा है।
अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी क्लेम करते हैं कि हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मुल्क है। विदेशों में घूम-घूम के जो दावे वो करते हैं, उनकी अब पोल खुल चुकी है। इस देश के अंदर जिस प्रकार का व्यवहार सरकार कर रही है इससे हालात बहुत गंभीर हो गए हैं। पब्लिक, नौजवानों, छात्रों के अंदर आक्रोश फूट पड़ा है, सरकार जो सोच रही है, असेसमेंट कर रही है, वह उससे कई गुना अधिक है। इसको सरकार को समझना पड़ेगा।
अगर सरकार का लोकतंत्र में थोड़ा बहुत भी विश्वास बचा है, तो उसे समझना पड़ेगा कि आक्रोश बहुत भयंकर है। पूरे देशभर से दिल्ली में कल जो हजारों बच्चे इकट्ठे हो गए थे, उन पर लाठीचार्ज हुआ, बेरहमी से पीटा गया। पुलिस ने जिस प्रकार नादिरशाही तरीका अपनाया अगर आप दृश्य देखेंगे, तो आप समझ जाएंगे कि उनकी मंशा किस प्रकार की रही होगी।
अशोक गहलोत ने कहा कि मेरा मानना है कि छात्रों का एग्जाम, पेपर लीक का यह गुस्सा बहुत बड़ा इश्यू है। पर बाकी जो देश में बेरोजगारी व महंगाई की स्थिति वह अलग है। जिस प्रकार से एजेंसियों पर कब्जा हो गया है, न्यायपालिका दबाव में है, इलेक्शन कमीशन का पता नहीं, आने वाले वक्त के अंदर वह क्या करेगा। निष्पक्ष चुनाव कभी हो पाएंगे या नहीं हो पाएंगे। अभी से वोट चोरी होने लग गए हैं।
SIR के नाम से वोट देने से लाखों वंचित हो रहे हैं। उनको कहा जा रहा है कि कोई बात नहीं, अगली बार वोट दे देना। देश में यह जो हालात है यह बहुत डरावना है। और जिस प्रकार की खबरें आ रही हैं, मैं मेनस्ट्रीम मीडिया से अपील करूंगा कि वह सरकार के दबाव से निकले। कृपया करके हिम्मत दिखाएं, साहस दिखाएं।
Updated on:
21 Jul 2026 09:44 pm
Published on:
21 Jul 2026 08:48 pm
