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राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर बड़ा आदेश, 15 अगस्त से पहले अधिकारियों के होंगे तबादले

राजस्थान में होने वाले पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। आयोग ने गृह जिले और लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात चुनावी जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों का 15 अगस्त 2026 तक तबादला करने के निर्देश दिए हैं, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जा सकें।
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जयपुर

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Kamal Mishra

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Updated: 21 Jul 2026, 7:00 PM IST

Rajasthan Panchayat Nikay Election

Rajasthan Panchayat-Nikay Election: चुनाव आयोग ने जारी किया नया आदेश (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों की तैनाती उनके गृह जिले, गृह नगरीय क्षेत्र या गृह पंचायत समिति क्षेत्र में है अथवा जो लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, उनका 15 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से तबादला किया जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के आम चुनाव जल्द कराए जाने हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल नहीं उठना चाहिए। इसी उद्देश्य से पहले जारी निर्देशों में संशोधन करते हुए नई कट-ऑफ तिथि और स्थानांतरण की समयसीमा तय की गई है।

इन अधिकारियों का होगा तबादला

आयोग के अनुसार संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार, पुलिस उपाधीक्षक सहित जयपुर और जोधपुर शहर में कार्यरत पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त चुनाव के दौरान अपने गृह जिले में पदस्थापित नहीं रहेंगे।

थानाधिकारी भी बदलेंगे

इसी तरह नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के आयुक्त, उपायुक्त, अधिशासी अधिकारी, नगर सुधार न्यास और विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, थानाधिकारी, आबकारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षक अपने गृह नगरीय क्षेत्र में तैनात नहीं रह सकेंगे। पंचायत समिति स्तर पर भी खंड विकास अधिकारी, थानाधिकारी, आबकारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षक अपने गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पदस्थापित नहीं रहेंगे।

3 साल पुराने अधिकारियों का भी होगा तबादला

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 30 नवंबर 2026 को कट-ऑफ तिथि मानते हुए जिन अधिकारियों ने पिछले चार वर्षों में किसी एक जिले, नगरीय क्षेत्र या पंचायत समिति में तीन वर्ष से अधिक समय तक कार्य किया है, उन्हें भी चुनाव से पहले वहां से हटाया जाएगा। यदि कोई अधिकारी इन मानकों के विपरीत तैनात पाया जाता है तो उसका स्थानांतरण 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरा करना होगा।

इन अधिकारियों की चुनाव में नहीं लगेगी ड्यूटी

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिन कार्मिकों के खिलाफ पिछले चुनावों में चुनावी लापरवाही को लेकर भारत निर्वाचन आयोग या राज्य निर्वाचन आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, उन्हें चुनाव से सीधे जुड़े किसी भी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।

चुनाव घोषित होने के बाद नहीं होंगे ट्रांसफर

उल्लेखनीय है कि हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के चुनावी रोडमैप को स्वीकार करते हुए 15 नवंबर 2026 से पहले पंचायत और शहरी निकाय चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार के कार्यक्रम के अनुसार पहले शहरी निकाय और उसके बाद पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। ऐसे में निर्वाचन आयोग का यह आदेश चुनावी तैयारियों की दिशा में बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद चुनाव से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण बिना आयोग की अनुमति के नहीं किया जाएगा।

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