प्रदेशभर में मानसून छाया तो है, लेकिन इसकी लेटलतीफी ने किसानों का काफी नुकसान भी कर दिया है। बारिश में हुई देरी की वजह से मानसून पूर्व बुवाई करने वाले किसानों की फसलें जल गई हैं और अब उन्हें दोबारा बुवाई करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नजर नहीं आ रहा।
जयपुर. राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर में मानसून छाया तो है, लेकिन इसकी लेटलतीफी ने किसानों का काफी नुकसान भी कर दिया है। बारिश में हुई देरी की वजह से मानसून पूर्व बुवाई करने वाले किसानों की फसलें जल गई हैं और अब उन्हें दोबारा बुवाई करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नजर नहीं आ रहा।
मानसून की बेरुखी के चलते इस बार खरीफ की बुवाई का आंकड़ा अभी तक पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में प्री मानसून बुवाई केवल 20 से 25 प्रतिशत क्षेत्र में ही होती है और यदि अब भी मानसून अच्छे से मेहरबान होता है तो बुवाई का लक्ष्य हासिल हो सकता है।
यहां हुई बारिश
बीते 24 घण्टे मे गुरुवार सुबह तक अलवर के तिजारा में 50 एमएम, अलवर के कोटकासिम में 40, अलवर के किशनगढ़ बास में 33, भरतपुर के डीग में 180 एमएम, भरतपुर के कुम्हेर में 78, भरतपुर में 33, भरतपुर के कामा में 22, गंगानगर के रायसिंहनगर में 33, गंगानगर के पदमपुर में 27, हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में 25, जैसलमेर में 38 एमएम बारिश दर्ज की गई।
यहां के लिए अलर्ट
बीते 48 घंटे में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिली। हालांकि एक से दो दिन में फिर से बारिश की ग तिविधियों में इजाफा होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को पूर्वी राजस्थान में कोटा, सवाईमाधोपुर, झालावाड़ और बारां में भारी बरसात का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा।