पर्यटन स्थल जलमहल पर सफाई व्यवस्था के साथ वहां के विकास कार्यों को लेकर हेरिटेज नगर निगम (Heritage Municipal Corporation) प्रशासन कितना चितिंत है, इसकी सच्चाई गुरुवार को महापौर मुनेश गुर्जर (Mayor Munesh Gurjar) के सामने आ गई। महापौर शाम को जलमहल (Jal Mahal) का दौरा करने पहुंची तो वहां जगह—जगह कचरा—गंदगी नजर आया। दीवार और फुटपाथ टूटा हुआ मिला। वहीं नाले की सफाई की गई, लेकिन उसमें कचरा गंदगी मिली।
महापौर बोली, ...फिर भी सफाई व्यवस्था जीरो
— हेरिटेज नगर निगम महापौर का जलमहल का दौरा
जयपुर। पर्यटन स्थल जलमहल पर सफाई व्यवस्था के साथ वहां के विकास कार्यों को लेकर हेरिटेज नगर निगम (Heritage Municipal Corporation) प्रशासन कितना चितिंत है, इसकी सच्चाई गुरुवार को महापौर मुनेश गुर्जर (Mayor Munesh Gurjar) के सामने आ गई। महापौर शाम को जलमहल (Jal Mahal) का दौरा करने पहुंची तो वहां जगह—जगह कचरा—गंदगी नजर आया। दीवार और फुटपाथ टूटा हुआ मिला। वहीं नाले की सफाई की गई, लेकिन उसमें कचरा गंदगी मिली। इस पर महापौर ने अधिकारियों को फटकार लगाई। वहीं जलमहल की सफाई व्यवस्था को जीरो बताया।
महापौर ने मौके पर ही अधिकारियों को सफाई व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए, साथ ही खुद मॉनिटरिंग करने की बात कही। अगर सफाई व्यवस्था बेहरत नहीं हुई तो अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महापौर मुनेश गुर्जर ने बताया कि जलमहल के लिए अलग से 20 कर्मचारी लगाए हुए है, लेकिन सफाई व्यवस्था जीरो है। नाले की भी पूरी तरह सफाई नहीं की गई। महापौर ने कहा कि नाले की सफाई अब मानसून के बाद ही हो पाएगी।
40 लाख रुपए के हो रहे विकास कार्य
जलमहल पर करीब 40 लाख रुपए के विकास कार्य हो रहे है। महापौर ने इन विकास कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलमहल का सौन्दर्य का काम इमानदारी से होना चाहिए।