कर्मचारियों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शेष मांगों से करवाया अवगत
जयपुर।सहायक कर्मचारी की मौत से जुड़े मामले में मंगलवार को भी न्यायिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल की ओर से सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को कर्मचारियों की उपिस्थति सुनिश्चित करने के निर्देशों के बाद भी मंगलवार को कर्मचारी काम पर नहीं आए। कर्मचारियों ने मुख्य न्यायाधीश और रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखकर शेष मांगों को पूरा करने की अपील की है।
राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के आव्हान पर मंगलवार को भी न्यायिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। जयपुर जिला व महानगर के कर्मचारी 26 दिन और प्रदेश के अन्य जिलों के कर्मचारी दस दिन से सामूहिक अवकाश पर हैं। इसकी वजह से प्रदेश में अब तक 18 लाख मुकदमों में सुनवाई प्रभावित हुई है। मंगलवार दोपहर दो बजे बाद ही अधिकांश कोर्ट रूम पर ताले लग गए। मंगलवार को कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें आंदोलन को शेष मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया गया। कर्मचारियों की ओर से इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश और रजिस्ट्रार जनरल को पत्र भी लिखा है। कर्मचारियों ने कोर्ट परिसर में प्रदर्शन किया।हाईकोर्ट की हिदायत बेअसर
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सोमवार रात को सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को पत्र लिखा था। जिसमें कहा था कि मामले में जज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। ऐसे में अब सभी कर्मचारियों की उपिस्थति सुनिश्चित की जानी चाहिए। मंगलवार को उपस्थिति नहीं देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवकश समायोजित करने के निर्देशकर्मचारियों ने मामले की सीबीआई जांच, पचास लाख रुपए मुआवजा और अनुकंपा नौकरी की मांग रखी थी। इसी के साथ अब कर्मचारियों ने अब तक लिए अवकाश को सीएल और पीएल में समायोजित करने की मांग रखी है। इसी के साथ जिन कर्मचारियों की सीएल व पीएल शेष नहीं है उनको आने वाले साल के अग्रिम अवकाश में समायोजित करने की मांग रखी है।
बहन और मां को बयान दर्ज करने के लिए बुलायाकमला नेहरू नगर निवासी जज कृष्णस्वरूप (के.एस.) चलाना के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले में एसीपी बगरू अनिल शर्मा जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराने वाली मृतक की बहन आरती मेहरा और मां मुन्नी देवी को बयान देने के लिए नोटिस जारी किया है। जज के आवास पर 10 नवम्बर को कोर्ट कर्मचारी सुभाष मेहरा मृत मिला था।