जयपुर

हिजाब और बुर्का आक्रमणकारियों की देन… राजस्थान में लगेेगा प्रतिबंध: किरोडीलाल

Hijab Controversy: जयपुर में गहराया हिजाब विवाद, सड़क पर जाम तो विधानसभा में भी गूंजा मामला, जयपुर में छह घंटे तक मुस्लिम छात्राओं ने किया रास्ता जाम, पक्ष और विपक्ष में ही हुई गर्मागर्मी

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kirodi lal meena
हिजाब और बुर्का आक्रमणकारियों की देन... राजस्थान में लगेेगा प्रतिबंध: किरोडीलाल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुरू हुए हिजाब विवाद में अब कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीना भी कूद पड़े हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिजाब और बुर्का आक्रमणकारियों की देन है। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। वे इसके लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे।

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना ने हिजाब को लेकर कहा कि हिजाब पर कितने देशों मे प्रतिबंध है। यहां तक कि मुस्लिम देशों में भी हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध है। ऐसे में अपने देश में तो यह होना ही नहीं चाहिए। हिजाब और बुर्का तो जो आक्रमणकारी आए थे, उनकी देन है। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैं मुख्यमंत्री से मांग करूंगा। स्कूलों में ड्रेस कोड ही रहेगा और हिजाब पहनकर आना ग़लत है। मीणा ने प्रमुखता से कहा कि प्रदेश में हिजाब को बंद कराएंगे।

यह है मामला
जयपुर के हवामहल क्षेत्र विधायक बालमुकुंदाचार्य की एक सरकारी स्कूल में कार्यक्रम के दौरान हिजाब को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सोमवार को जयपुर के सुभाष चौक इलाके में हंगामा हो गया। सुभाष चौक थाने के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं और छात्राओं ने प्रदर्शन कर रास्ता बंद कर दिया। महिलाओं और छात्राओं का प्रदर्शन करीब छह घंटे तक चला। बाद में पुलिस अधिकारियों ने विधायक रफीक खान व अमीन कागजी से बातचीत कर मामला शांत करवाया।

स्कूल में सभी के लिए हों एक नियम
वहीं हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान स्कूल में प्रिंसिपल से पूछा था कि यहां दो प्रकार की ड्रेस पहनने का प्रावधान है ? तब उन्होंने कहा कि मानते ही नहीं हैं। छोटी बच्चियां हिजाब व बुर्के में थीं। स्कूल में सभी के लिए नियम एक होने चाहिए। हमारी बच्चियां भी अलग-अलग ड्रेस पहनकर स्कूल जाएंगी।

विधानसभा में भी उठा मामला
स्कूलों में हिजाब को लेकर बयानबाजी का मामला सदन में विपक्षी सदस्य रफीक खान ने उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चे हिजाब किसी से पूछकर नहीं पहनकर जाएंगे। संविधान में सभी को बराबरी का अधिकार है। इस पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने विरोध किया। हंगामा हुआ तो अध्यक्ष ने इसे सदन की कार्यवाही से निकालने की व्यवस्था दी।

Published on:
29 Jan 2024 09:20 pm