
जयपुर। दाती मदन के मामले में राज्य सरकार उनके साथ नहीं है। संत हो या नेता या फिर अभिनेता। यह कहना है देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा का।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में सुनवाई के बाद मंगलवार को रिणवा ने पत्रकारों से बातचीत में मदन दाती पर कहा कि हम भी मिले होंगे, मुझ़े याद तो नहीं हैं, मेरा विभाग ही एेसा है। संतों को प्रणाम करते हैं, मैं तो संतों से मिलता रहता हूं, मुझ़े थोड़ी ना पता कि वो अपराधी है। सृष्टि है यहां अच्छे बुरे दोनो तरह के लोग हैं, सच्चे साधू पर लांछन लग रहा है तो गुप्तांग काट कर फेंक रहे हैं और एक तरफ दोषी को सजा भी हो रही है। अपने धर्म के नाम पर धोखा करने वाले महात्माओं को पकड़ा जा रहा है। वे जेल में सड़ रहे हैं, लेकिन हर साधू पर आरोप लगाना उचित नहीं है। कुछ लोग आ गए हैं, वो बदनाम कर रहे हैं उनको हम ढूंढ रहे हैं। उनको सजा भी हो रही है।
प्रदेश में मंदिरों को तोडऩे की बात पर उन्होंने कहा कि मंदिरों को तोड़ा नहीं गया, पुनस्र्थापना की गई। जनहित की जगह से मंदिर हटाकर पुनस्र्थाना की है, वहां कोई भगवान थोड़ी ना निकले थे। वहां स्थापना की थी। दस- बारह वर्ष पहले मैने सूना था कि कुछ अंग्रेज जयपुर की बुराई कर रहे थे। हमने जयपुर के लिए बहुत काम किया है। प्रदेश के करीब २०० मंदिरों में काम किया। दक्षिण के पेटर्न के अनुसार धार्मिक पर्यटन करवाना चाहते हैं। एेसे स्थानों को विकसित करवा रहे हैं। करोड़ों रुपए लगाए जा रहे हैं, कृष्णा सर्किट पर भी काम हो रहा है।
योग दिवस पर मंत्री रिणवा ने कहा कि बच्चे योग सीखे। हम यह चाहते हैं। हमारे यहां यह स्थिति हो गई है कि बच्चों को कोई मतलब ही नहीं रहा परमात्मा से । वे जानते ही नहीं है परमात्मा क्या है। यही हाल रहे तो पशु- पक्षी में अंतर क्या है।
बाबा रामदेव को करौली में मंदिर माफी की जमीन देने के मामले में रिणवा ने कहा कि जनहित के कामों के लिए यदि मंदिर माफी की जमीन का सदुपयोग होता है तो कलक्टरों से प्रस्ताव लेकर उनको जमीन दे रहे हैं।