जयपुर

Hit And Run Law: राजस्थान के 28 जिलों में चक्काजाम, पेट्रोल-डीजल पर संकट, बसें बंद, भटके पर्यटक

Hit And Run Law: भारतीय न्याय संहिता में हिट एंड रन के नए प्रावधानों के विरोध में ट्रक चालकों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। चक्का जाम से प्रदेश में पेट्रोल डीजल के साथ ही परचून-सब्जी की सप्लाई पर असर पड़ना शुरू हो गया।

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Jan 03, 2024

Hit And Run Law: भारतीय न्याय संहिता में हिट एंड रन के नए प्रावधानों के विरोध में ट्रक चालकों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। चक्का जाम से प्रदेश में पेट्रोल डीजल के साथ ही परचून-सब्जी की सप्लाई पर असर पड़ना शुरू हो गया। दूसरे दिन भी रोडवेज बसें बंद रहने से ट्रेनें ठसाठस हो गईं। अभी पर्यटन सीजन चल रहा है। ऐसे में परिवहन के साधन नहीं मिलने से पर्यटक और यात्री परेशान रहे। इधर, मंगलवार को जयपुर, बीकानेर, बाड़मेर, अजमेर, गंगानगर, सीकर, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, जोधपुर, राजसमंद सहित प्रदेशभर में ट्रक और बस चालकों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। कई जगह हाइवे जाम किए गए। अजमेर में ट्रक चालकों ने जाम और प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव कर एक पुलिस वाहन को आग लगा दी और होटल में तोड़फोड़ कर दी।

जयपुर में आज ऑटो, मैजिक, टैक्सी वाहनों की हड़ताल
जयपुर में बुधवार से ऑटो, मैजिक टेम्पो, टेक्सी यूनियन ने हड़ताल की घोषणा की है। वहीं, बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने पांच जनवरी से हड़ताल की घोषणा की है।

पेट्रोल पंप...आज गहरा सकता है संकट
ट्रांसपोटर्स की हड़ताल के कारण बुधवार से प्रदेश के 6 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का संकट गहरा सकता है। वहीं लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए भी परेशान होना पड़ सकता है। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव शशांक कौरानी ने बताया कि ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के कारण डिपो से तेल परिवहन नहीं होने से हालात खराब हैं। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंप ड्राई हो गए। पेट्रोल पंपों पर तीन दिन का पेट्रोल-डीजल का स्टॉक रहता है और यह स्टॉक अब रीत रहा है और बुधवार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का संकट गहरा सकता है।

रोडवेज बसों का संचालन रुका, यात्रीभार गिरा
ट्रक चालकों की हड़ताल और चक्काजाम से रोडवेज के यात्रीभार पर असर पड़ा है। 28 जिलों में रोडवेज की बसों का संचालन प्रभावित रहा। करीब 40 फीसदी यात्रीभार कम हुुआ है।

पहले से ही है प्रावधान
वाहन चालकों को अवेयर करने की जरूरत है। मोटर व्हीकल एक्ट में यह प्रावधान पहले भी था कि दुर्घटना की चालक को समय रहते सूचना देना जरूरी है। इसी प्रावधान को भारतीय न्याय संहिता में शामिल किया है।
राजेश शर्मा, एडवोकेट राजस्थान हाइकोर्ट

चालकों में यह भ्रम हैं। इसे जानना जरूरी है। यह हिंट एंड रन कानून नहीं है। भारतीय न्याय संहिता में नए प्रावधान बने हैं, इसमें भी कहीं नहीं लिखा कि चालक को घटनास्थल से ही पुलिस को सूचना देनी है या घायल को अस्पताल चालक को ही लेकर जाना है।
मनीषा अरोड़ा, परिवहन आयुक्त

यह है कानून...भीड़ आक्रोशित होने की आशंंका पर दूर जा सकते हैं चालक
भारतीय न्याय संहिता में हिट एंड रन के मामलों में सजा के प्रावधानों को परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है। विभाग ने कहा कि नए प्रावधानों के अनुसार चालक को दुर्घटना की समय रहते सूचना देना आवश्यक है। लेकिन घटना स्थल पर भीड़ के आक्रोशित होने की आशंंका है तो चालक दूर जाकर पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दे सकता है। इससे घायल व्यक्ति की जिदंंगी बचाई जा सकती है। यह प्रावधान कॉमर्शियल वाहनों के ही नहीं, बल्कि सभी वाहन चालकों के लिए हैं। घायल की मौत होने की स्थिति में 10 साल तक की सजा का भी प्रावधान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोटर व्हीकल एक्ट में यह प्रावधान पहले से ही है। इसे अब भारतीय न्याय संहिता में भी जोड़ा गया है।

हड़ताल का असर
- 400 की जगह 100 ट्रक ही माल लेकर पहुंचे मंगलवार को जयपुर की मुहाना मंडी में

- 70 गाड़ियां रोज आलू-प्याज की मुहाना मंडी में आती थीं, लेकिन मंगलवार को 30 गाड़ियां ही पहुंची

- 10 रुपए किलो भाव बढ़े प्याज के

- 3 रुपए की तेजी आई आलू में

- 150 गाड़ी फलों की आती थीं, अब 70-80 ही पहुंचीं

Published on:
03 Jan 2024 08:28 am
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