20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Health: राजस्थान के हर जिले में बनेंगे डिजिटल मॉडल अस्पताल, अब मरीजों का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन

Health care: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को बढ़ावा, निजी अस्पतालों के लिए राज्यस्तरीय कार्यशाला। राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल बदलाव, मॉडल फैसिलिटी के रूप में विकसित होंगे अस्पताल।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

May 20, 2026

Rajasthan Health

Photo AI

Ayushman Bharat Digital Mission: जयपुर. राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक राजकीय और निजी अस्पताल को मॉडल फैसिलिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इन अस्पतालों में आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य रिकॉर्ड का प्रबंधन पहले से अधिक आसान और पारदर्शी हो सकेगा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को जयपुर स्थित सीफू में एबीडीएम मॉडल फैसिलिटी इनिशिएटिव के तहत चयनित निजी अस्पतालों के लिए राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रक्रियाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की विस्तृत जानकारी देना था।

एबीडीएम के तहत मरीजों की बनेगी आभा आईडी

मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम ने बताया कि एबीडीएम के तहत मरीजों की आभा आईडी बनाई जाएगी, जिसके माध्यम से उनका पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा। इससे मरीजों को बार-बार दस्तावेज ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और डॉक्टरों को भी उपचार में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और निर्धारित आईडी के जरिए आवश्यक सूचनाएं अपलोड करनी होंगी।

अस्पतालों में मिलेगी स्कैन एंड शेयर सुविधा

मॉडल फैसिलिटी के रूप में चयनित अस्पतालों को विशेष तकनीकी सहायता दी जाएगी। इन अस्पतालों में स्कैन एंड शेयर सुविधा, एबीडीएम कम्प्लायंट हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम, हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री और हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री जैसी सेवाएं लागू की जाएंगी। साथ ही मरीजों की आभा आईडी बनाकर उनके हेल्थ रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण से अस्पतालों और मरीजों दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा। सभी चिकित्सा संस्थानों और मरीजों की यूनिक पहचान बनने से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन अधिक व्यवस्थित और तेज होगा।

कार्यशाला में राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजी लाल अटल, ओएसडी एनएचएम संतोष गोयल सहित कई अधिकारियों ने भाग लिया। वहीं नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के निदेशक पंकज अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। स्टेट नोडल अधिकारी आईटी विष्णुकांत और एबीडीएम टीम की प्रोग्राम मैनेजर पिंकी बूलचंदानी ने प्रेजेंटेशन के जरिए अस्पताल प्रतिनिधियों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।