20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: DGP राजीव शर्मा की बैठक, गैंगस्टर्स और अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस, अधूरे केस 3 माह में निपटाने के निर्देश

जयपुर। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक हुई। इसमें गैंगस्टर्स, अवैध खनन और साइबर अपराध पर कड़े एक्शन के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने अधिकारियों को 1 साल से लंबित केस 3 महीने में निपटाने को कहा है।

2 min read
Google source verification
DGP Rajiv Sharma conference

अधिकारियों की बैठक लेते डीजीपी शर्मा फोटो: पत्रिका

जयपुर। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में प्रदेशभर के रेंज आईजी, पुलिस आयुक्तों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। डीजीपी शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन, बजरी परिवहन और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।

उन्होंने सभी अधिकारियों को कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाने, पुलिस की फील्ड विजिबिलिटी बढ़ाने और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले तीन माह में उनके स्तर पर एक वर्ष से अधिक लंबित कोई भी प्रकरण नहीं रहना चाहिए। झूठे मुकदमों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।

गैंगस्टर्स और संगठित अपराध पर विशेष फोकस

बैठक में राजस्थान पुलिस की प्राथमिकताओं के आधार पर संगठित अपराध, गैंगस्टर्स के विरुद्ध चल रही कार्रवाई और विभिन्न गंभीर आपराधिक प्रकरणों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने प्रभावित जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर फोकस्ड कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्ति की कुर्की और जब्ती की समीक्षा करते हुए उन्होंने इस दिशा में और अधिक प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।

साथ ही नवीन आपराधिक कानूनों में सूचना एवं संचार तकनीक के उपयोग, ई-सम्मन और वारंट की तामील तथा ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। साथ ही बैठक में 1930 हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग और ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए। डीजीपी ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण प्रकरणों को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं और पुलिस सुविधाओं की भी समीक्षा

बैठक में महिला सुरक्षा गतिविधियों के प्रभावी संचालन, एसडीआरएफ की सतर्क कार्यप्रणाली, जन सूचना रजिस्टर के संधारण, अभय कमांड सेंटर से जुड़े कैमरों की स्थिति, निजी कैमरों के एकीकरण, पुलिस थानों में महिला कर्मियों के लिए सुविधाओं तथा पुलिस लाइन परिसरों में सामुदायिक सुविधाओं के उन्नयन की भी समीक्षा की गई। डीजीपी शर्मा ने हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सप्ताह दो दिन विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इंटरसेप्टर और ब्रेथ एनलाइजर के अधिकतम उपयोग के माध्यम से प्रभावी चेकिंग करने को कहा।

बैठक में डीजी (ट्रेफिक व ट्रेनिंग) अनिल पालीवाल, डीजी (एसओजी) आनंद श्रीवास्तव, एडीजी लाॅ एंड ऑर्डर वी.के.सिंह, एडीजी (क्राइम) बिपीन कुमार पांडे, एडीजी (पीएम एंड डब्ल्यू) डाॅ. प्रशाखा माथुर, एडीजी (कार्मिक) बीजू जाॅर्ज जोसफ, एडीजी (सिविल राइट) श्रीमती लता मनोज कुमार सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।