जयपुर

Fagotsav : गोविंद के दरबार में कल से होली की धमाल, 20 दिन तक बिखरेंगे फाग के रंग

जयपुर वासियों के आराध्य गोविंददेवजी महाराज के दरबार में 23 फरवरी से बीस दिवसीय परंपरागत फागोत्सव मनाया जाएगा। फागोत्सव में प्रदेशभर के कलाकार चंग ढप की थाप पर होली पदों और फाग भजनों पर नृत्य कर गोविंद को रिझाएंगे।

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Feb 22, 2025
File Photo

जयपुर. फाल्गुन का महीना शुरू होते है छोटी काशी के मंदिरों में फाल्गुन की बयार बहने लग गई है। शहर के मंदिरों में फागोत्सव की धूम मची हुई है। मंदिरों में फाग के भजनों के साथ ठाकुरजी के साथ फूलों व गुलाल से होली खेली जा रही है। इसी कड़ी में जयपुर वासियों के आराध्य गोविंददेवजी महाराज के दरबार में 23 फरवरी से बीस दिवसीय परंपरागत फागोत्सव मनाया जाएगा। फागोत्सव में प्रदेशभर के कलाकार चंग ढप की थाप पर होली पदों और फाग भजनों पर नृत्य कर गोविंद को रिझाएंगे।

रचना झांकी के होंगे दर्शन

मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि ठिकाना मंदिर श्री गोविंददेवजी की ओर से महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में गोविंददेवजी मंदिर में 23 फरवरी से 13 मार्च तक मनाए जाने वाले फागोत्सव में कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस दौरान करीब 600 से अधिक लोक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इस दौरान हर दिन रचना झांकी सजाई जाएगी। फागोत्सव में 23 फरवरी से 6 मार्च तक दोपहर 12.30 से 12:45 बजे तक रचना झांकी के दर्शन होंगे। इस दौरान ख्यातिनाम कलाकार गोविन्द के दरबार में भजनों की प्रस्तुति देंगे। 7 से 9 मार्च तक तीन दिवसीय होलिकोत्सव मनाया जाएगा। इसमें त्रिदिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। नृत्य गायन के साथ कलाकार दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक ठाकुरजी के समक्ष प्रस्तुति देंगे। इस दौरान रचना झांकी के दर्शन दोपहर 3 से 4:30 बजे तक होंगे। 10 से 11 मार्च को ठाकुरजी के समक्ष पुष्प फागोत्सव मनाया जाएगा। 12 मार्च को होली पदों का गायन होगा। इसमें मालीराम शास्त्री दोपहर 1 से शाम 4:30 बजे तक होली पदों का गायन करेंगे। इस दिन रचना झांकी के दर्शन दोपहर 3 से 4:30 बजे तक होंगे। 13 मार्च को राजभोग झांकी के बाद मंदिर परिसर में गुलाल होली खेली जाएगी। इस दौरान भक्त ठाकुरजी को गुलाल अर्पित कर एक दूसरे को गुलाल लगाएंगे।

Published on:
22 Feb 2025 01:47 pm
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