
राजस्थान में निकाय एवं पंचायत चुनावों से पहले नगर परिषद चौमूं के वार्ड 6 की मतदाता सूचियों में चौंकाने वाली गड़बड़ी सामने आई है। एक ही मकान में रहने वाले पति‑पत्नी, पिता‑पुत्र, मां‑बेटे और भाई‑भाई तक को अलग-अलग वार्डों का मतदाता बना दिया गया है। बोहरा वाली ढाणी निवासी कन्हैयालाल सैनी ने बताया कि ‘घर एक ही है, चूल्हा भी एक, फिर भी मुझे एक वार्ड में और पत्नी को दूसरे वार्ड में जोड़ दिया गया।’ इस मामले को लेकर वार्ड के निवर्तमान पार्षद आशीष यादव ने जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य चुनाव आयुक्त से शिकायत की है।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में वर्तमान में 45 वार्ड हैं। करीब छह माह पहले किए वार्डों के परिसीमन में बोहरा वाली ढाणी को वार्ड 6 में शामिल किया। वर्तमान में निकाय एवं पंचायत चुनाव की सरगर्मी भी तेज चल रही है। इस बीच मतदाता सूचियां देखकर पीड़ित मतदाता हैरान हैं। उन्होंने सरकार से परिवार के सदस्यों को कागजों में न बांटने व एक ही वार्ड में रखने की गुहार लगाई है।
वार्ड संख्या 6 निवासी बोदूराम सैनी ने बताया कि उनके बेटे को वार्ड 6 और उन्हें वार्ड 5 में जोड़ दिया गया है, जबकि दोनों एक ही घर में रहते हैं। उन्होंने मांग की कि बेटे को भी वार्ड 6 में ही जोड़ा जाए। बोहरा वाली ढाणी की छोटी देवी ने बताया कि उनके बेटे-बहू को वार्ड 6 में जोड़ा गया, जबकि उन्हें खुद वार्ड 5 में रखा गया है।
इसी तरह गिरधारी सैनी ने भी बताया कि उनके बेटे और बहू को अलग-अलग वार्डों में जोड़ दिया गया है। रामस्वरूप ने बताया कि उसे और उनकी पत्नी भी अलग-अलग जोड़ दिया गया है। इसी तरह अनेक मतदाता हैं, जिन्हें अलग-अलग वार्डों में मतदाता बना दिया गया है।
मामला सामने आने पर निवर्तमान पार्षद ने इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य चुनाव आयुक्त से की है। शिकायत में आरोप है कि वार्ड संख्या 6 के कई परिवारों को बूथ लेवल प्रगणक (बीएलओ) ने अलग-अलग वार्डों की सूचियों में बांट दिया है, जबकि ये परिवार एक ही मकान में साथ रहते हैं। शिकायत में बताया गया है कि इनके अलावा दर्जनों अन्य मतदाताओं के साथ भी यही स्थिति है।
यादव ने शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि कुछ लोगों के प्रभाव में आकर प्रगणक ने परिसीमन के नाम पर सूचियों में फेरबदल किया, ताकि चहेते लोगों को लाभ मिल सके। निवर्तमान पार्षद ने समयबद्ध जांच व सुधार की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य चुनाव आयुक्त, राज्य सतर्कता आयोग, एसीबी व उपखंड अधिकारी चौमूं को भी भेजी गई है। आरोप है कि प्रगणक ने मौका स्थिति देखे बिना ही मतदाताओं को अलग-अलग सूचियों में जोड़ दिया। वार्ड 7 के चार लोगों को भी वार्ड 6 में जोड़ दिया गया है।
विधानसभा व लोकसभा की वोटर लिस्ट के तहत ही परिसीमन किया गया है। परिसीमन उन्होंने स्वयं नहीं किया है। फिर भी यदि किसी को आपत्ति है तो वे उपखंड कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।