पुलिस महानिरीक्षक गिर्राज मीणा को डूंगरगढ़ छोडऩे के आदेश 

राजस्थान में बीकानेर जिले के डूंगरगढ़ वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बीकानेर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक गिर्राज मीणा को डूंगरगढ़ छोड़कर बीकानेर जाने के आज आदेश दिए। 

2 min read
Oct 30, 2015
राजस्थान में बीकानेर जिले के डूंगरगढ़ वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बीकानेर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक गिर्राज मीणा को डूंगरगढ़ छोड़कर बीकानेर जाने के आज आदेश दिए। अतिरिक्त न्यायाधीश ने डूंगरगढ़ के एक अधिवक्ता द्वारा दायर याचिका पर निर्णय देते हुए कहा कि मीणा के तानाशाही रवैये की वजह से डूंगरगढ़ के आम नागरिकों में भारी रोष है। उनकी मौजूदगी की वजह से यहां सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकती।

आदेश के अनुसार मीणा को डूंगरगढ़ की सीमा छोड़कर बीकानेर जाने को कहा गया है जिससे पुलिस प्रशासन के प्रति आम नागरिकों में विश्वास उत्पन्न हो। अतिरिक्त न्यायाधीश ने डूंगरगढ़ में मामले की जांच थानाधिकारी एवं जांच अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में करने के आदेश दिए। उन्होंने इस मामले में महानिरीक्षक मीणा सहित डूंगरगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक बन्ने ङ्क्षसह मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र विश्नोई पर इस मामले की जांच के दौरान किसी भी तरह के दखल, लिखित या मौखिक दिशा निर्देश देने पर भी रोक लगा दी है।

अतिरिक्त न्यायाधीश ने किसी को गिरफ्तार करते समय उच्चतम न्यायालय के दो जुलाई 2014 को दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए पाबंद किया है। साथ ही गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का चिकित्सकीय जांच और एक्सरे चिकित्साधिकारी से कराने के आदेश भी दिए। उधर डूंगरगढ़ में व्यापारियों ने सुबह से करीब चार बजे तक दुकानें बंद रखीं। जैसे ही पुलिस महानिरीक्षक गिर्राज मीना को न्यायालय द्वारा डूंगरगढ़ छोडऩे के आदेश की प्रतियां मिलने पर उन्होंने अपनी दुकानें खोल ली और पांच बजे तक पूरा बाजार खुल गया।


सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों पर धारा 307 हटा दी गई है हालांकि धारा 332 और 353 नहीं हटाई गई है। इससे पहले प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अनुरोध पर व्यापारियों को मनाने गये क्षेत्र के विधायक किशनाराम नाई को व्यापारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पिछले आठ दिन से तनावग्रस्त डूंगरगढ़ में फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है।

IG Girraj Meena

उल्लेखनीय है कि गत 23 अक्टूबर को पैदल सालासर जा रहे श्रद्धालुओं पर एक धार्मिक स्थल के सामने से गुजरते समय डीजे बजाने पर हुए विवाद को लेकर एक समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया था। इससे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया और अगले ही दिन हिंसा की वारदात के बाद क्षेत्र में कफ्र्यू लगा दिया गया। इस दौरान आठ लोग घायल भी हुए। इस मामले में 83 लोगों को गिरफ्तार किया गया। क्षेत्र के व्यापारियों ने पुलिस पर इकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
Published on:
30 Oct 2015 07:21 pm
Also Read
View All