जयपुर

बिल्डरों की नई चाल! फ्लैट खरीदने से पहले सावधान, इन बातों पर जरूर ध्यान दें ग्राहक

Illegal Building Business in Jaipur: नियम विरुद्ध निर्माण पर जेडीए की प्रवर्तन शाखा की कार्रवाई से बचने के लिए शहर के अवैध बिल्डरों ( Illegal Building ) ने नई तरकीब निकाली है। बिकने से पहले ही गृह प्रवेश के बोर्ड तक निर्माणाधीन ( Illegal Construction ) फ्लैटों में लगा दिए हैं...

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Sep 10, 2019

अश्विनी भदौरिया/ जयपुर। नियम विरुद्ध निर्माण पर जेडीए की प्रवर्तन शाखा की कार्रवाई से बचने के लिए शहर के अवैध बिल्डरों ( Illegal Building ) ने नई तरकीब निकाली है। बिकने से पहले ही गृह प्रवेश के बोर्ड तक निर्माणाधीन ( Illegal Construction ) फ्लैटों में लगा दिए हैं। दरअसल मानवीय आधार पर जेडीए ऐसे फ्लैटों पर कार्रवाई करने से बचता है, जिनमें लोग रह रहे होते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए नियम विरुद्ध बने फ्लैटों के बाहर ‘गृह प्रवेश’ के पचरंगे झंडे तक लगा दिए हैं। जेडीए की प्रवर्तन शाखा की कार्रवाई से बचने के लिए इस तरह की होशियारी बिल्डर पहली बार करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

पत्रिका ने सोमवार को ऐसे 30 से अधिक फ्लैट की पड़ताल की। वहां कई जगह झंडे लगे हुए थे, लेकिन लोग नहीं रह रहे थे। कुछ जगह काम पूरा करने की जल्दी भी दिखी। कार्रवाई न हो, इसलिए यह तरीका निकाला है। जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने अपने सीमा क्षेत्र में सर्वे कराया है। इसमें 248 इमारतों का निर्माण नियम विरुद्ध पाया गया। इस के अनुसार कार्रवाई हो रही है।

इन बातों पर जरूर ध्यान दे ग्राहक
- निर्माणकर्ता से प्लॉट और निर्माण के कागज लें और जेडीए में जाकर संबंधित जोन में चैक करवाएं।
- क्या फ्लैट निर्माण के दौरान इमारत के चारों ओर सैट बैक छोड़ा गया है।
- बिल्डर ने पार्किंग और छत पर फ्लैट का निर्माण तो नहीं कराया है।
- बिल्डर से इमारत का जेडीए द्वारा अनुमोदित नक्शा जरूर देखें।
- भवन मानचित्र समिति बिल्डिंग प्लान प्रकोष्ठ में जाकर भी जानकारी ले लें।

वहीं पृथ्वीराजनगर उत्तर की कॉलोनियों में लोग फ्लैट के निर्माण से परेशान हैं। इन कॉलोनियों की विकास समितियों ने बोर्ड लगाकर फ्लैट नहीं बनाने के लिए कहा, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।

डॉ. राजेंद्रप्रसाद नगर में तो बोर्ड लगा दिए गए हैं। इन पर लिखा है कि कॉलोनी में बहुमंजिला आवासीय अपार्टमेंट का निर्माण निषेध है। भिवानीनगर, सुमेरनगर, गिरिराजनगर, गिरधरविहार, भूरा पटेल मार्ग में भी स्थिति खराब है।


यों सामने आई पोल
केस 01 महावीरनगर, महिला सर्कल के पास, पृथ्वीराजनगर दक्षिण
रिपोर्टर फ्लैट खरीदना है, कोई खाली है क्या?
चौकीदार पास वाली इमारत में एक बचा है।
रिपोर्टर प्रथम तल पर पहुंचने के बाद... इसमें तो झंडा लगा है, गृह प्रवेश हो गया क्या?
चौकीदार झंडा तो ऐसे ही लगा है। यह खाली है। बाकी 11 बिक गए।
रिपोर्टर अभी तो जेडीए की कार्रवाई चल रही है। रेट कम हुई क्या?
चौकीदार कम क्यों होगी। पार्किंग में बने फ्लैट तोड़ तो रहे हैं।
(इस इमारत के खिलाफ नोटिस दिया गया, फिर भी निर्माण कार्य चलता मिला)

केस 02 गंगासागर, करणी पैलेस रोड
रिपोर्टर फ्लैट के रेट क्या हैं?
मुनीम पहले देख लो। अभी निर्माण चल रहा है। एक महीने में पूरा हो जाएगा।
रिपोर्टर सैटबैक तो इसमें छोड़ा ही नहीं है, जेडीए ऐसे फ्लैट पर तो कार्रवाई कर रहा है?
मुनीम आजकल सब ऐसे ही बन रहे हैं। एक-दो फैमिली जल्दी ही शिफ्ट हो जाएंगी।
रिपोर्टर पार्किंग में भी फ्लैट बना रखा है, गाडिय़ां कहां खड़ी करेंगे?
मुनीम सभी के पास कार तो होती नहीं है। तीस फीट चौड़ी सडक़ है। एक-दो गाडिय़ां बाहर खड़ी हो सकती हैं।
(स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब निर्माण पूरा होने को है)

कब्जे हुए तो कार्रवाई होगी
- मानवीय आधार पर हम ऐसे घरों में कम ही कार्रवाई करते हैं, जिसमें लोग रहने लग जाते हैं। सभी ईओ को पहले ही पाबंद किया जा चुका है। किसी भी चिह्नित इमारत में लोगों ने रहना शुरू किया, तो संबंधित जोन ईओ पर कार्रवाई की जाएगी। लोग फ्लैट खरीदते समय जागरूक रहें। जेडीए में आकरवैध या अवैध होने की जानकारी ले सकते हैं।
रघुवीर सैनी, मुख्य नियंत्रक, जेडीए

Updated on:
10 Sept 2019 11:38 am
Published on:
10 Sept 2019 11:35 am
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