LPG safety: ‘ऑपरेशन प्रवर्तन’ के तहत प्रशासन सख्त, दो आरोपियों पर FIR,आमजन की सुरक्षा को खतरा बने अवैध रिफिलिंग सेंटरों पर शिकंजा।
Gas Cylinder Black Marketing: जयपुर. राजस्थान सरकार और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों के तहत जयपुर शहर में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रवर्तन’ के अंतर्गत जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।
यह कार्रवाई जिला कलक्टर संदेश नायक के निर्देशन में की गई, जिसमें जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम द्वारा गठित विशेष प्रवर्तन दल ने पुलिस थाना सांगानेर सदर के सहयोग से गोविंदपुरा (बक्षावाला), शिकारपुरा रोड क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान टीम को मौके से 35 अवैध घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर मिले। इसके साथ ही एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा और एक मोटर भी जब्त की गई, जिनका उपयोग अवैध रिफिलिंग के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां बिना किसी सुरक्षा मानकों के गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा था, जो गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता था।
प्रशासन ने बताया कि इस तरह के अवैध रिफिलिंग केंद्र न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि आम नागरिकों की जान और संपत्ति के लिए भी बड़ा खतरा बनते हैं। बिना लाइसेंस और सुरक्षा उपायों के संचालित ये केंद्र आगजनी और विस्फोट जैसी घटनाओं को आमंत्रित करते हैं।
इस मामले में संलिप्त दो व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस थाना सांगानेर सदर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
साथ ही जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की अवैध गैस रिफिलिंग, भंडारण या कालाबाजारी की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही इस तरह के खतरनाक नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है।
जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग के खिलाफ की गई यह कार्रवाई सराहनीय और जरूरी कदम है। इस तरह के अवैध केंद्र न सिर्फ कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि आम लोगों की जान को भी गंभीर खतरे में डालते हैं। प्रशासन द्वारा ‘ऑपरेशन प्रवर्तन’ के तहत सख्त कदम उठाना यह दर्शाता है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जरूरत है कि ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहे और दोषियों को कड़ी सजा मिले। साथ ही आमजन भी जागरूक होकर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें, ताकि शहर को सुरक्षित बनाया जा सके।