जयपुर

सुप्रीम कोर्ट में आज SI भर्ती 2021 को लेकर अहम सुनवाई, भर्ती रद्द होगी या बरकरार रहेगी? जानें

SI Recruitment 2021: राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है।
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Sep 24, 2025
SI Paper Leak Case
SI Paper Leak Case (Photo Patrika)

SI Recruitment 2021: राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनमोहन की बेंच कैलाशचंद्र शर्मा और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करेगी।

बता दें, यह याचिका राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के 8 सितंबर 2025 के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई है, जिसमें हाईकोर्ट की एकलपीठ के 28 अगस्त 2025 के भर्ती रद्द करने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाई गई थी। दूसरी ओर, चयनित अभ्यर्थियों ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है ताकि उनकी बात सुने बिना कोई अंतिम निर्णय न हो।

क्या है एसआई भर्ती का पूरा मामला?

एसआई भर्ती 2021 में पेपर लीक और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर जस्टिस समीर जैन की अध्यक्षता में राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी थी। एकलपीठ ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में स्वतः संज्ञान लिया था।

इस फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर की, जिसके बाद जस्टिस एसपी शर्मा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने 8 सितंबर को एकलपीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अब याचिकाकर्ताओं ने डिवीजन बेंच के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

याचिका में चार प्रमुख आधार

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ऋषभ संचेती सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करेंगे। उन्होंने बताया कि डिवीजन बेंच के फैसले को चार प्रमुख आधारों पर चुनौती दी गई है। पहला, डिवीजन बेंच ने एसआईटी की उस रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए, जिसके आधार पर एकलपीठ ने भर्ती रद्द की थी। संचेती के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत का स्रोत बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

साथ ही, एसआईटी की रिपोर्ट को केवल तभी खारिज किया जा सकता है, जब उस पर फर्जी या कूटरचित होने का स्पष्ट प्रमाण हो, जो इस मामले में नहीं है।

दूसरा, करीब दस महीने पहले एकलपीठ ने ट्रेनी सब-इंस्पेक्टरों की फील्ड ट्रेनिंग पर रोक लगा दी थी, जिसे डिवीजन बेंच ने भी बरकरार रखा था। लेकिन अब डिवीजन बेंच ने ट्रेनी अभ्यर्थियों को फील्ड ट्रेनिंग की अनुमति दे दी है, जिसे याचिकाकर्ता गलत मानते हैं।

तीसरा, एकलपीठ ने आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका के रूप में सुना था, लेकिन डिवीजन बेंच के आदेश ने इस प्रक्रिया को भी रोक दिया। चौथा, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि एक खंडपीठ दूसरे खंडपीठ के आदेश पर रोक नहीं लगा सकती, जो डिवीजन बेंच के फैसले को कानूनी रूप से कमजोर बनाता है।

अभ्यर्थियों को फैसले का इंतजार

इस मामले में चयनित अभ्यर्थी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। भर्ती रद्द होने से उनकी मेहनत और चयन पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि याचिकाकर्ता पेपर लीक जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर भर्ती को अवैध करार देने की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से यह तय होगा कि क्या राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ का भर्ती रद्द करने का फैसला बहाल होगा या डिवीजन बेंच की अंतरिम रोक बरकरार रहेगी।

Updated on:
24 Sept 2025 11:24 am
Published on:
24 Sept 2025 11:24 am