
बल्लारी. जैन संघ बल्लारी के तत्वावधान में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में आचार्य भगवंत, साध्वीवृंद तथा श्रावक-श्राविकाओं सहित 200 से अधिक समाजजन उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के बाद आचार्य भगवंत ने राष्ट्र और धर्म के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "राष्ट्र प्रथम, फिर धर्म"। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सुरक्षित और स्वतंत्र रहेगा, तभी धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन और संरक्षण संभव है। प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। संघ अध्यक्ष सुरजमल दांतेवाडय़िा ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। पूर्व अध्यक्ष उत्सवलाल बागरेचा सहित ट्रस्ट पदाधिकारी और समाज के गणमान्य सदस्य मौजूद रहे। समारोह में जैन दर्शन के अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अनेकांतवाद और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, परोपकार और मानव कल्याण के कार्य राष्ट्रसेवा का ही स्वरूप हैं। इस अवसर पर साध्वीवृंद की 86वीं ओली के पारणे के उपलक्ष्य में गांव सांझी का विशेष आयोजन भी हुआ। तप, संयम और त्याग के प्रति अनुमोदना के साथ समारोह का समापन राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सद्भाव के संकल्प के साथ हुआ।