जयपुर

Indian Theater Command: अब सर्जिकल स्ट्राइक होगी लाइव

आतंकवादी (Terrorist) हों या फिर देश के दुश्मन अब अमरीका (America) की तरह ही उन्हें मार गिराने का सीधा प्रसारण एक साथ बिग्रेड से मुख्यालय तक तीनों सेनाओं के सैन्य अधिकारी देख पाएंगे। बिग्रेड, कोर या फिर मुख्यालय के अधिकारी युद्धक्षेत्र की हर स्थिति को देखकर किसी भी समय अपनी रणनीति बदलते हुए तीनों सेनाओं से और बेहतर समन्वय करने में सक्षम होंगे।
2 min read
Oct 10, 2021
Feature image

जयपुर

आतंकवादी हों या फिर देश के दुश्मन अब अमरीका की तरह ही उन्हें मार गिराने का सीधा प्रसारण एक साथ बिग्रेड से मुख्यालय तक तीनों सेनाओं के सैन्य अधिकारी देख पाएंगे। बिग्रेड, कोर या फिर मुख्यालय के अधिकारी युद्धक्षेत्र की हर स्थिति को देखकर किसी भी समय अपनी रणनीति बदलते हुए तीनों सेनाओं से और बेहतर समन्वय करने में सक्षम होंगे।
तीनों सेनाओं की एकीकृत कमान बनाने से पहले अब दुश्मनों की खुफिया सूचना एकत्र करने, निगरानी रखने, लक्ष्य तय करने और टोह लेने वाले एकीकृत और बहुप्रतिक्षित ISTAR प्रोग्राम को हरी झंडी दे दी गई है। सबसे बडी खूबी यह है कि यह दुश्मन की टोह लेने के बाद यह भी बताएगा कि लड़ाई के दौरान दुश्मन को मारने के लिए कब, कहां और किस एंगल से कौन सा हथियार प्रयोग किया जाए।

नवनियुक्त वायुसेना प्रमुख वीके चौधरी ने मंगलवार को कहा कि अमरीका के साथ हम ISTAR (Intelligence Surveillance Targeting and Reconnaissance) को लेकर काम कर रहे हैं। अमरीका—भारत रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल के तहत इसे लाने की तैयारी है। यह सिस्टम वास्तविक समय में दुश्मन की गतिविधियों, स्वभाव और संचार की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम है।

बालाकोट के बाद आए तेजी
पाकिस्तान की आतंकी हरकतों के कारण बालाकोट पर भारतीय सेना की एयर स्ट्राइक के दौरान इस तरह के सिस्टम की जरूरत ज्यादा महसूस की गई। यही वजह है कि इस स्ट्राइक के बाद बहुत तेजी से इस अमरीकी सिस्टम को अपनाने की प्रक्रिया में तेजी आई। पहली बार डिफेंस एक्सपो 2020 में ISTARके पोस्टर लगाए गए थे। इस समय दुश्मन की निगरानी रखने के लिए भारतीय वायसेना नेत्र सिस्टम प्रयोग कर रही है लेकिन ISTAR सिस्टम नेत्र से बहुत आगे और एक साथ कई मोर्चों पर काम कर सकता है।


ये बनाई जाएंगी पांच कमान
देश में इस समय सेना की सात, वायुसेना की सात और नौसेना की 3 कमान हैं। इसके अलावा अंडमान निकोबार में ट्राई सर्विस कमान है और परमाणु कमान को लेकर देश में कुल 19 कमान हैं। इन्हें अब पांच थियेटर कमान में बदलने की तैयारी है। पाकिस्तानियों से निपटने के लिए जयपुर में पश्चिमी कमान बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत थल सेना की चंडीगढ़, जयपुर, पुणे और वायुसेना की पालम और गांधीनगर की कमान आएगी।

ये हैं प्रस्तावित कमान
उत्तरी कमान —लखनऊ
पश्चिमी कमान— जयपुर
प्रायद्वीपीय कमान— तिरुवंतपुरम
हवाई रक्षा कमान— इलाहाबाद
समुद्री रक्षा कमान— करवार

शांति काल का भी अग्रदूत
ISTAR रोजमर्रा की परेशानियों में काम आएगा। किसी भी प्राकृतिक आपदा, बाढ या फिर भूकंप जैसी स्थितियों में भी यह पूरी तरह जगह की निगरानी और उसके अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत को तुरंत पूरा किया जा सकता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा और समुद्र करते हुए किसी भी घुसपैठ पर पूरी नजर रखी जा सकती है।

Published on:
10 Oct 2021 11:31 pm
Also Read
View All
Rajasthan Politics : ‘विवादित बयान’ देकर बुरे फंसे BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, चौतरफा घिरे तो मारा ‘यू-टर्न’! जानें पूरा मामला

राजस्थान कांग्रेस में दो सीनियर नेताओं की होगी ‘घर वापसी’, टिकट नहीं मिलने के बाद की थी बगावत

पुराने हाईवे की वजह से अटके प्लॉटों को मिलेगा पट्टा, राजस्थान सरकार ने बदला नियम; नए सिरे से तय होगी सड़क की चौड़ाई

रामगढ़ बांध क्षेत्र में ये कैसा ‘बुलडोज़र एक्शन’? छोटे निर्माण धवस्त- रसूखदारों के फार्म हाउस-रिसॉर्ट्स जस के तस

राजस्थान सरकार के एक आदेश से 7 हज़ार ‘बेरोज़गारों’ को मिली सरकारी नौकरी, 5 हजार को तो गृह जिले में ही पहली पोस्टिंग