जयपुर

Commercial gas cylinder: महंगाई का झटका: वाणिज्यिक सिलेंडर फिर हुआ महंगा

पेट्रोल-डीजल ( petrol and diesel ) के दामों में ठहराव के बीच आज यानी 1 मई को तेल कंपनियों ( oil companies ) ने एक बार फिर एलपीजी सिलेंडर ( LPG cylinders ) के दाम बढ़ा दिए है। इस बार तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक सिलेंडर ( commercial cylinders ) के दामों में 102.50 रुपए की वृद्धि कर दी है।
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Commercial gas cylinder: महंगाई का झटका: वाणिज्यिक सिलेंडर फिर हुआ महंगा
Commercial gas cylinder: महंगाई का झटका: वाणिज्यिक सिलेंडर फिर हुआ महंगा

पेट्रोल-डीजल के दामों में ठहराव के बीच आज यानी 1 मई को तेल कंपनियों ने एक बार फिर एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए है। इस बार तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक सिलेंडर के दामों में 102.50 रुपए की वृद्धि कर दी है। इस वृद्धि से शादियों के सीजन के सीजन में इस बढ़ोतरी ने आम आदमी का बोझ बढ़ा दिया है। दूसरी तरफ होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों पर भोजन करने के लिए अधिक दाम चुकाने होंगे। हालांकि तेल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कोई परिवर्तन नहीं किया। गौरतलब है कि, हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी की कीमत में संशोधन करतीं हैं। मई में इस इजाफे के बाद अब यानी 1 मई 2022 से 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर जयपुर में 2271.50 रुपए की बजाय 2374 रुपए में मिलेगा।

रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर
हालांकि, तेल कंपनियों ने आम आदमी के उपयोग वाले 14.2 किग्रा बिना सब्सिडी की रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। इसके दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जयपुर में 14.2 किग्रा बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 953.50 रुपए पर बरकरार है। तेल कंपनियों ने जनवरी में गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया था। हालांकि, दिसंबर में दो बार 50-50 रुपए की तेजी आई थी।

रसोई गैस पर 5 और कमर्शियल पर 18 फीसदी जीएसटी
रसोई गैस पर 5 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है, जिसमें 2.5 फीसदी केन्द्र के खाते में और 2.5 फीसदी राज्य के खाते में जाते है। यानि 19.20 रुपए केन्द्र और राज्य के खाते में प्रति सिलेंडर जाते है। कमर्शियल गैस पर 18 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है, जिसमें 9 फीसदी केन्द्र के खाते में और 9 फीसदी राज्य के खाते में जाते है। यानि 124.70 रुपए केन्द्र और राज्य के खाते में प्रति सिलेंडर जाते है।

सरकार 12 गैस सिलेंडर पर देती थी सब्सिडी
सरकार एक साल में प्रत्येक गैस कनेक्शन के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती थी। ग्राहक को हर सिलेंडर पर सब्सिडी समेत कीमत चुकानी होती है। बाद में सब्सिडी का पैसा खाते में वापस आ जाता है। हालांकि सरकार ने कोरोना काल में इसे बंद कर दिया है।

Published on:
01 May 2022 09:18 am