प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले वर्ष सिंगापुर यात्रा का फायदा राजस्थान को भी होगा। प्रदेश में पहली बार अन्तरराष्ट्रीय स्तर का इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की प्लानिंग की जा रही है। इसके लिए सिंगापुर की इंडस्ट्रियल पार्क डवलपर कंपनी सेम्बकॉर्प के प्रतिनिधियों ने उद्योग विभाग से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक से चर्चा की है। इस पर सहमति बनती है तो कंपनी और राज्य सरकार मिलकर अन्तरराष्ट्रीय स्तर का ‘इंटीग्रेटेड और सस्टेनेबल औद्योगिक पार्क’ विकसित करेंगे। इसके लिए खुशखेड़ाभिवाड़ी नीमराणा इन्वेस्टमेंट रीजन (केबीआइएनआर) में 500 से 600 हेक्टेयर जमीन देखी गई है।
सिंगापुर की सेम्बकॉर्प कंपनी का प्रस्ताव, राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की तैयारी
प्रधानमंत्री की सिंगापुर यात्रा के दौरान अन्तरराष्ट्रीय इंडस्ट्रियल पार्क पर हुई थी चर्चा
पिछले दिनों जयपुर आए कंपनी प्रतिनिधियों ने बड़े ब्यूरोक्रेट्स से की बात
जयपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले वर्ष सिंगापुर यात्रा का फायदा राजस्थान को भी होगा। प्रदेश में पहली बार अन्तरराष्ट्रीय स्तर का इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की प्लानिंग की जा रही है। इसके लिए सिंगापुर की इंडस्ट्रियल पार्क डवलपर कंपनी सेम्बकॉर्प के प्रतिनिधियों ने उद्योग विभाग से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक से चर्चा की है। इस पर सहमति बनती है तो कंपनी और राज्य सरकार मिलकर अन्तरराष्ट्रीय स्तर का ‘इंटीग्रेटेड और सस्टेनेबल औद्योगिक पार्क’ विकसित करेंगे। इसके लिए खुशखेड़ाभिवाड़ी नीमराणा इन्वेस्टमेंट रीजन (केबीआइएनआर) में 500 से 600 हेक्टेयर जमीन देखी गई है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से ठीक पहले सिंगापुर यात्रा के दौरान कंपनी अधिकारियों ने राजस्थान सरकार के प्रतिनिधि मंडल से भी मुलाकात की थी।
यह होगा काम...
-औद्योगिक पार्क डवलपमेंट के लिए अन्तरराष्ट्रीय मापदंड के अनुसार गाइडलाइन भी बनी हुई है। सिंगापुर, वियतनाम, इंडोनेशिया, अमरीका व अन्य कई देशों में इसी तर्ज पर डवलपमेंट हो रहा है।
-राजस्थान में भी इसी गाइडलाइन के अनुरूप औद्याेगिक पार्क विकसित करने वाली कंपनी पर ही दुनिया के बड़े निवेशकों को लाने की जिम्मेदारी होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक पार्क में ये सुविधा
-इन्फ्रास्ट्रक्चर: बिजली, पानी, गैस, सड़क, रेल लाइन जैसी सुविधा एक जगह।
-पर्यावरण प्रबंधन: अपशिष्ट पुनर्चक्रण, जल प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन।
-दूरसंचार: बेहतर कनेक्टिविटी, संचार केबल लैस।
-सिक्योरिटी : सुरक्षा और रखरखाव जैसी साझा सुविधाएं।
-ट्रांसपोर्ट : राजमार्ग, रेलमार्ग, हवाई अड्डे, और बंदरगाह।
-जलापूर्ति: चौबीस घंटे पानी की आपूर्ति।
-गैस लाइन: उच्च मात्रा वाली गैस लाइनों का जाल बिछाना।
अलग जोन बनाने का भी आग्रह
सिंगापुर में कुछ कंपनियों ने उद्योग मंत्री और उच्चाधिकारियों को नीमराणा स्थित जापानी निवेश क्षेत्र की तर्ज पर एक विशेष निवेश या औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए कहा था।
इनका कहना है
अन्तरराष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक पार्क के लिए प्लानिंग कर रहे हैं। सिंगापुर के एक बड़ेडवलपर ने निवेश की इच्छा जताई है। सहमति बनने पर रीको या उद्योग विभाग साथ होगा। औद्योगिक पार्क के लिए केबीआइएनआर में हमारे पास जगह है।
-अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग विभाग