Gold-Silver Price Hike: शादियों के सीजन में आभूषण खरीदना अब आम आदमी के बजट से बाहर होता जा रहा है। व्यापारियों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखें।
Iran-Israel War Impact On Gold-Silver: मध्य पूर्व में गहराते युद्ध के बादलों ने राजस्थान की राजधानी जयपुर के सराफा बाजार में खलबली मचा दी है। शनिवार को जैसे ही ईरान पर इजरायल द्वारा मिसाइल हमले की खबरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तैरने लगीं, जयपुर के जेवराती बाजार में कीमती धातुओं के दाम रॉकेट की तरह ऊपर चढ़ गए। महज कुछ घंटों के भीतर सोने की कीमतों में 8,500 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी में 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
शनिवार सुबह जब बाजार खुला, तो 'सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर' ने सोने का भाव 1,66,500 रुपये और चांदी का भाव 2.84 लाख रुपये घोषित किया था। लेकिन दोपहर होते-होते युद्ध की खबर ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते शाम तक सोने की कीमत बढ़कर 1.72 लाख रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 2.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।
बाजार के जानकारों का कहना है कि करीब एक महीने के अंतराल के बाद कीमतों ने फिर से इस ऊंचाई को छुआ है। इससे पहले 30 जनवरी को सोने ने 1.75 लाख रुपये का उच्चतम स्तर देखा था। हालांकि, फरवरी की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय संकेतों के चलते भावों में कुछ नरमी आई थी, लेकिन पिछले 26 दिनों में सोने में 14.66% और चांदी में 22.41% की भारी तेजी ने मध्यम वर्ग और खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है।
सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने इस स्थिति पर स्पष्टता देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार (Spot Market) में आए अचानक उछाल का सीधा असर जयपुर की कीमतों पर पड़ा है। जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसी स्थितियां बनती हैं, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने की तरफ भागते हैं, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ जाता है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान और इजरायल के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में राजस्थान के बाजारों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। सोने की कीमतों में आई 22,000 रुपये की यह मासिक बढ़त इशारा कर रही है कि शादियों के सीजन में आभूषण खरीदना अब आम आदमी के बजट से बाहर होता जा रहा है। व्यापारियों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखें।