कभी रास्ते तो कभी बाइक खराब, मनाली में लगा सबसे ज्यादा डर
जयपुर. टूटी सडक़े, रास्तों में गिरे हुए पेड़, ऑक्सीजन की कमी, कभी रास्ते तो कभी बाइक खराब, पेट्रोल खत्म होने का डर, खाने-पीने की व्यवस्था न होना सहित कई कठिन परिस्थितियों को पार कर एडवेंचर टूर पूरा किया। जहां लोग सांस भी ढंग से नहीं ले पा रहे थे। वहां पर बाइक खराब होने के कारण मैंने 200 किलो की बाइक को 6-7 किमी पैदल घसीटा। यह बातें जयपुर के बाइक राइडर निधेश पारीक ने कही।
बाइक खराब हुई तो आर्मी कैंप से मिली मदद
निधेश ने हाल ही में जयपुर से लेह लद्दाख का एंडवेंचर टूर पूरा किया। उन्होंने बताया कि टूर के दौरान वल्र्ड की हाईऐस्ट मोटोरेब्ल पास उमलिंग ला पर गया, जिसकी ऊंचाई 19,024 फीट है। आते वक्त मनाली का रास्ता चुना। नेटवर्क न होने के कारण सोशल मीडिया पर अपडेट नहीं था। शाम ४ बजे एक घाटी में बाइक खराब हो गई। दूर-दूर तक कोई नजर नहीं रहा था। तब आर्मी कैंप ने हेल्प की। गाड़ी का फ्यूल पंप खराब होने की वजह से 2-3 दिन खराब हुए। होटल में रूका, तो वहां भी कुक नहीं, आस-पास की दूकानें, स्कूल बंद, क्योंकि पिछले दिनों ज्यादा बारिश के कारण कई हादसे हो गए थे।
नदियां और पर्यावरण बचाने के लिए कर रहे हैं जागरूक
उन्होंने बताया कि ऐसे टूर के माध्यम से योग को बढ़ावा देने के साथ नदियों, पर्यावरण को बचाने के लिए लोगों को अवेयर कर रहे हैं। लौटते वक्त देखा कि एक इजराली फैमिली के बच्चे को ऑक्सीजन की समस्या हो रही है। मैंने योग क्रियाएं करवाकर हेल्प की। वो ठीक भी हो गया था। जब होटल में मनाली के हादसों का पता लगा तो डर लगने लगा। जहां रूका था, वो एरिया पुलिस ने खाली करवा दिया, दो दिन बाद पता लगा वहां भी बिल्डिगें ढह गई।