मानसरोवर थाना पुलिस ने चीन में बैठे ठगों को बैंक खाता मुहैया कराने वाली गैंग का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को दबोचा है। ऑनलाइन ट्रेडिंग व गेमिंग ऐप से आरोपी लोगों से कर रहे थे ठगी।
राजस्थान में विदेशों में बैठे ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाला गैंग सक्रिय है। राजधानी जयपुर कमे मानसरोवर थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच की मदद से चीन के साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाली गैंग का भंडाफोड़कर गैंग के 6 सदस्यों को एक होटल से गिरफ्तार किया है।
डीसीपी क्राइम कुंदन कंवरिया ने बताया कि हरियाणा के हिसार निवासी सरगना मुकेश पारीक उर्फ संचित, शैलेन्द्र सिंह उर्फ सूरज, अंकित उर्फ हनी, छत्तीसगढ़ निवासी पूजा सिंह, नीतू उर्फ प्रिया छतीसगढ़, श्रीनगर के पारिमपोरा निवासी महजूर अहमद खान व सीकर के नीमकाथाना निवासी रोहिताश स्वामी उर्फ डेविड को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 11 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 1 चेकबुक बरामद की है। गैंग के खिलाफ केन्द्र सरकार के सीइआइआर पोर्टल पर 17 लाख रुपए ठगी की अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं।
सरगना मुकेश पारीक जयपुर में करणी विहार में रह रहा है और सरगना कमीशन से ही 60 लाख रुपए कमा चुका। आरोपी टेलीग्राम के जरिये चीन के लोगों के संपर्क में रहता और उन्हें बैंक खाते उपलब्ध करवाने का ऑफर करता। एक खाता उपलब्ध करवाने के बदले में 5 लाख रुपए अग्रिम लेता और बाद में ठगी की रकम में तीन से पांच प्रतिशत कमीशन लेता। आरोपी खाताधारकों से एक ऐप डाउनलोड करवा देता था, जिससे खाते का एक्सिस चीन की गैंग के पास चला जाता। आरोपी पर शक न हो, इसके लिए कमीशन की राशि ले रहा था।
गैंग के सरगना के कहने पर आरोपी रोहिताश व पूजा बैंक खातों की व्यवस्था करते। पूजा के कहने पर एक आरोपी मजहूर अहमद खाता देने के लिए जयपुर आया था। गैंग में शामिल शैलेन्द्र व अंकित खाताधारकों को होटल में आने पर उनका मोबाइल लेकर उसमें ऐप डाउनलोड कर देते थे। खाताधारक को ठगी की रकम में से ढाई प्रतिशत पैसे उपलब्ध करवाते थे।
गैंग के संबंध में क्राइम ब्रांच के सदस्य जितेन्द्र यादव व अविनाश कुमार को सूचना मिली थी। आरोपी नारायण विहार स्थित एक होटल से गैंग चला रहे थे। पुलिस की दबिश से पहले आरोपी भागने की फिराक में थे लेकिन पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को समय रहते दबोच लिया।
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