जयपुर शहर में हर महीने अवैध जल कनेक्शनों से 250 अरब लीटर पानी चोरी हो रहा है। हाउसिंग बोर्ड के कई अपार्टमेंट्स में भी पानी चोरी के मामले सामने आए हैं। पीएचईडी अब जल्द ही अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
जयपुर में इंदिरा गांधी नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड के रत्नागिरी अपार्टमेंट में पानी के 70 से ज्यादा अवैध कनेक्शन मिलने के बाद जलदाय विभाग से ही चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इंदिरा गांधी नगर और प्रताप नगर क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड के कई अपार्टमेंट्स में लगभग यही हाल हैं। नियमित पेयजल कनेक्शनधारी उपभोक्ता तो गिनतीभर के हैं जबकि अवैध जल कनेक्शन लेने वाले लोगों की भरमार है। जिसके चलते वास्तविक पेयजल उपभोक्ताओं को पेयजल किल्लत को सामना करना पड़ता है।
जयपुर शहर में विभाग के 5 लाख पंजीकृत पेयजल उपभोक्ता हैं वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में एक लाख से ज्यादा अवैध कनेक्शन भी हैं। विभाग के इंजीनियरों का ही अनुमान है कि इन अवैध कनेक्शनों से प्रतिमाह पंजीकृत उपभोक्ताओं के हक का 250 अरब लीटर पानी चोरी किया जा रहा है। यही वजह है कि बीसलपुर सिस्टम से पूरा पानी मिलने के बाद भी पंजीकृत उपभोक्ता पूरे साल बूंद-बूंद पानी का संकट झेलने को मजबूर हैं।
शहर में बीसलपुर सिस्टम से प्रतिदिन 58 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन अवैध कनेक्शनों ने सप्लाई व्यवस्था की कमर तोड़ रखी है। वहीं उपभोक्ताओं के सामने लो प्रेशर से सप्लाई होने पर बूंद-बूंद पानी का संकट हो जाता है। हो हल्ला मचता है तो विभाग नाकामी छिपाने के लिए बीसलपुर सिस्टम से पानी बढ़ा देता है।
विभाग के एक सीनियर इंजीनियर ने कहा कि सब डिवीजन के कनिष्ठ व सहायक अभियंता को पता होता है कि उसके सब डिवीजन में कितने अवैध कनेक्शन हैं, लेकिन इंजीनियर सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे बैठे रहते हैं।
शहर में बड़े स्तर पर पानी चोरी रोकने को लेकर कनिष्ठ अभियंता से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता तक गंभीर नजर नहीं आते हैं। हो हल्ला मचता है तो अवैध जल कनेक्शन काटने की चर्चा होती है जो बैठकों तक सीमित रह जाती है। विभाग के अधिकारी ही इस बात को स्वीकार करते हैं कि बडे स्तर पर पानी चोरी से पेयजल उपभोक्ता किल्लत झेलते हैं वहीं विभाग को सालाना बड़े स्तर पर राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
शहर के कई इलाकों में अवैध कनेक्शनों से पानी चोरी हो रही है। जहां बहुमंजिला इमारतों में अवैध कनेक्शन हैं वहां कनेक्शन काटे जाएंगे और कच्ची बस्तियों व अन्य जगह अवैध कनेक्शनों को नियमित करेंगे। -शुभांशु दीक्षित, अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर